29 जून को गूंजेगी शहनाई, दुल्हन बन डोली में बैठेगी दिव्यांग की बेटी ज्योति

दिव्यांग पिता की एक बेटी की शादी को लेकर आगे आया सामाजिक संगठन जमुई : कहते हैं जिसका कोई नहीं होता, भगवान खुद उसकी मदद करते हैं. कुछ ऐसा ही हुआ खैरा मालाकार टोला निवासी ज्योति के साथ, जिसके शादी में आर्थिक समस्याएं सामने आने के बाद भगवान स्वरूप कई सामाजिक संगठन आगे आया और […]

दिव्यांग पिता की एक बेटी की शादी को लेकर आगे आया सामाजिक संगठन

जमुई : कहते हैं जिसका कोई नहीं होता, भगवान खुद उसकी मदद करते हैं. कुछ ऐसा ही हुआ खैरा मालाकार टोला निवासी ज्योति के साथ, जिसके शादी में आर्थिक समस्याएं सामने आने के बाद भगवान स्वरूप कई सामाजिक संगठन आगे आया और अंततः उसके शादी की की तारीख तय हो गयी और अब बस शहनाइयों के बजने का इंतजार है. बताते चलें कि खैरा मालाकार टोला निवासी सुधीर मालाकार के विकलांग होने के कारण उसकी इकलौती बेटी की शादी में समस्याएं आ रही थी.
उसकी शादी गया के एक गांव में तय तो हो गई थी पर आर्थिक विपन्नता के कारण उसकी शादी में अड़चन आ रही थी. जिसके बाद इस मामले को प्रभात खबर ने प्रमुखता से प्रकाशित किया था. जिसके बाद कई सामाजिक संगठन आगे आया और ज्योति की शादी का जिम्मा लिया था. जिसके बाद बीते 2 मई को ज्योति का तिलोत्सव संपन्न हुआ और हिन्दू रीति रिवाज से लग्न और मुहूर्त के हिसाब से आगामी 29 जून को ज्योति की शादी की तारीख तय किया गया है. इस दौरान खैरा शिवालय परिसर से उसकी शादी संपन्न करायी जायेगी.
इसके बाद होगा 11 जोड़ों का विवाह
इस दौरान सामाजिक कार्यकर्ता संतोष राणा ने बताया कि ज्योति की शादी को लेकर प्रभात खबर में प्रकाशित खबर को पढ़कर दो और आर्थिक रूप से कमजोर लोगों ने हमसे संपर्क किया. जिसके बाद हमने फैसला लिया है कि इसके बाद हमलोग अगले वर्ष उन दोनों की बेटियों सहित कुल 11 गरीब परिवार की बेटियों की शादी इसी बैनर तले कराएंगे. वहीं इस दौरान नवविवाहित जोड़ियों को विदाई के दौरान हिन्दू जोड़ों को तुलसी का पेड़ एवं गीता, मुस्लिम जोड़ों को कुरान और ईसाई जोड़ो को उपहारस्वरूप बाइबल दिया जाएगा. इसके अलावा उन लोगों की शादी हिन्दू, मुस्लिम और ईसाई परंपरा के अनुरूप ही कराया जाएगा.
लड़के ने दहेज लेने से किया इंकार
इस मामले को लेकर बीते 15 अप्रैल को प्रभात खबर ने प्रमुखता से मामला उठाया था. बताते चलें कि खैरा थाना क्षेत्र के मालाकार टोला निवासी 18 वर्षीय ज्योति का पिता सुधीर मालाकार 4 वर्ष पहले छत से गिर गया था. इस घटना में उसका दोनों पैर नाकाम हो गया था. मेहनत मजदूरी कर घर चलाने वाले सुधीर के घर बैठ जाने के बाद भी उसके परिजनों ने उसका इलाज करवाना जारी रखा. कुल मिलाकर हिस्से में पढ़ने वाली थोड़ी सी जमीन को बेच कर उन्होंने सुधीर का इलाज करवाया,
परंतु कोई फायदा नहीं हो सका. अब सुधीर अपने पैरों पर कभी खड़ा नहीं हो सकता. इधर धीरे-धीरे जवान हो रही बेटी की चिंता भी परिजनों को सताने लगी. जिसके बाद ज्योति के एक रिश्तेदार ने उसकी शादी गया निवासी एक लड़के से तय कर दी. लड़का शादी को राजी भी हो गया और उसने दहेज लेने से भी इंकार कर दिया. जिसके बाद खैरा का युवा वर्ग आगे आया तथा ज्योति की शादी का जिम्मा उठाया है.
प्रभात खबर की अपील
प्रभात खबर आप सभी से अपील करता है कि आप भी ज्योति की शादी में मदद के लिए आगे आएं. और जिससे जितना संभव हो सके वह मदद करें. मदद करने के लिए मोबाइल नंबर 9525115357 पर संपर्क करें या व्हाट्सएप करें.

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