जमुई : जलजमाव शहर में धीरे-धीरे परेशानी का सबब बनता जा रहा है और जल जमाव के कारण गर्मी बढ़ने के साथ ही कई मुहल्लों में मच्छरों का आतंक इस कदर बढ़ गया है कि लोगों का जीना हराम हो गया है.गर्मी बढ़ने के कारण आसपास जमे हुए गंदे पानी से निकलने वाले बदबू के कारण लोगों को काफी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है
.नाला से निकलने वाले गंदा पानी और लोगों के घरों से निकलने वाले पानी के निकास की समुचित व्यवस्था नहीं होने के कारण शहर के कृष्णपट्टी,भुख्खड़ मुहल्ला, बम्बई कॉलोनी महिसौड़ी,निमारंग, भछियार आदि मुहल्ला में तो कई जगहों पर सालों भर पानी जमा रहता है. जिससे इन मुहल्लों का अधिकांश क्षेत्र घोषित तालाब के रूप में परिणत हो जाता है. हल्की सी बारिश होने पर शहर का अधिकांश क्षेत्र घोषित तालाब में परिणत हो जाता है,जो नगर परिषद की साफ सफाई व्यवस्था की पोल खोलने के लिए काफी है. सबसे बदतर स्थिति तो महाराजगंज बाजार और महिसौड़ी मुहल्ला की हो जाती है. हल्की सी बारिश होने पर जहां सड़क पर ही घुटना भर पानी जमा हो जाता और लोगों को इसी गंदे पानी में प्रवेश करके एक जगह से दूसरी जगह जाना पड़ता है.
नगर परिषद ने बड़े नालों का नहीं कराया है निर्माण
लोगों की मानें तो जलजमाव से लोगों को मुक्ति दिलाने के लिए नगर परिषद के द्वारा आज तक अलग-अलग वार्डों में छोटे-छोटे नाले का निर्माण तो जरूर कराया गया. लेकिन बड़ा नाला का निर्माण नहीं कराया गया है. जिसके कारण इस जगह का पानी उस जगह जाकर जमा हो जाता है उस जगह का पानी इस इधर-उधर जाकर जमा हो जाता है. यह हाल पूरे शहर का है .बारिश के दिनों की बात तो छोड़ दीजिए. सामान्य दिनों में भी बारिश होने पर शहर के कुछ मुहल्लों की हालत बिल्कुल ही बदतर हो जाती है.क्योंकि वहां लोगों के घरों के आगे में बारिश का पानी जम जाता है और लोगों का घर से बाहर निकलना भी दूभर हो जाता है. गर्मी, बारिश और अन्य सभी मौसम में भी जीना हराम हो जाता है.लेकिन इसके बावजूद भी नगर परिषद की कुंभकर्णी नींद टूटने का नाम ही नहीं ले रही है. नगर परिषद के द्वारा हर बार शहर के लोगों को जलजमाव से मुक्ति दिलाने की घोषणा तो जरूर की जाती है. लेकिन उसे सही तरीके से अमलीजामा पहनाया ही नहीं जाता है.
