पानी के लिए ताकते रहते हैं बोरिंग

जमुई : खैरा प्रखंड क्षेत्र के दाबिल महादलित टोला के लोगों को शुद्ध पेयजल की बहुत ही किल्लत का सामना करना पड़ रहा है. ग्रामीण बताते हैं कि हम लोग अपने आसपास कहीं भी बोरिंग स्टार्ट होने की राह तकते रहते हैं और जैसे ही बोरिंग स्टार्ट होता है हम लोग पानी लेने के लिए […]

जमुई : खैरा प्रखंड क्षेत्र के दाबिल महादलित टोला के लोगों को शुद्ध पेयजल की बहुत ही किल्लत का सामना करना पड़ रहा है. ग्रामीण बताते हैं कि हम लोग अपने आसपास कहीं भी बोरिंग स्टार्ट होने की राह तकते रहते हैं और जैसे ही बोरिंग स्टार्ट होता है हम लोग पानी लेने के लिए सपरिवार दौड़ लगा देते हैं. हमारे टोला में मात्र 10 से 15 घर है.
जिसमें करीब 140 से 150 लोग निवास करते हैं. लेकिन हम लोगों के समक्ष सबसे बड़ी समस्या पानी की समस्या है. हमलोग इसके लिए सभी जगह कह-कह कर परेशान हो चुके हैं. लेकिन आज तक हमारी समस्या का कोई निदान नहीं हुआ है. मुखिया, सरपंच या सभी कहते हैं कि आप लोग 10 घर हैं आप लोग के लिए चापाकल की व्यवस्था कैसे हो पाएगी. अब हमलोगों को समझ में ही नहीं आता है कि हम लोग और अधिक लोगों को कहां से लेकर आएं. हमारे गांव में पहले एक सरकारी चापाकल था. जो वर्तमान समय में खराब पड़ा हुआ है. चापाकल खराब रहने के कारण हम लोगों को पीने के पानी, नहाने के पानी और अन्य सभी जरूरी कार्यों में प्रयुक्त होने वाले पानी के लिए बहुत ही परेशानी का सामना करना पड़ता है. हम लोगों को दूसरे टोला में जाकर अपने घर के लिए पानी लाना पड़ता है.
हमारा समस्या कैसे दूर होगा
बुधनी देवी, लक्ष्मी देवी, मालती देवी, सुनीता देवी, सोना देवी, भुवनेश्वरी देवी, रूबी देवी ने बताया कि हमारा पानी का समस्या कैसे दूर होगा. यह हमलोगों को पता ही नहीं चल पा रहा है. हमलोग शुद्ध पानी के लिए रोज उठकर संघर्ष करते हैं और कुछ दूसरे टोला से पीने के लिए शुद्ध पानी लेकर आते हैं. क्या हम लोग इसी तरह परेशान होते रहेंगे या बाबू हमारी समस्याओं का कोई निदान भी होगा हमलोग दूसरे जगह से पानी लाकर परेशान हो चुके हैं. अब सरकार को हमारे टोला में ही एक चापाकल का व्यवस्था कर देना चाहिए था. ताकि हमारी पानी की समस्या जल्दी से जल्दी दूर हो जाता.
गुहार लगा लगा कर थक चुके हैं ग्रामीण
ग्रामीण शंकर मांझी, मंगल मांझी, भोला मांझी, वर्मा मांझी, गोविंद कुमार, रामाधीन मांझी, गणेश मांझी ने बताया कि बाबू अब हम लोग कहां जाएं. हम लोग पानी के लिए सब जगह गुहार लगा कर परेशान हो चुके हैं. मुखिया जी को कहे तो बोले कि जल्दी ही चापाकल लगा देंगे. इसके अलावा पीएचडी के विभाग के अधिकारियों को भी बोले तो वह भी बोले कि अच्छा देखते हैं.तुम्हारे गांव का समस्या को कैसे दूर किया जा सके. हम लोग शुद्ध पानी के लिए सभी जगह गुहार लगा लगा कर थक चुके हैं. अब हम लोग कहां जाएं. हम लोगों को कुछ समझ में ही नहीं आता है.

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