जमुई : जिले के सभी प्रकार के व्यवसायियों के माप तोल का सत्यापन करने वाला और सत्यापन के पश्चात उन्हें वाट के अनुसार से प्रमाण पत्र निर्गत करने वाला माप तौल विभाग स्वयं ही बीमार बनकर रह गया है. कहने को तो जिले में विभाग का कार्यालय जरूर संचालित हो रहा है लेकिन न तो विभाग के पास स्थायी रूप से अपना अधिकारी है और न ही कोई कर्मी. वर्तमान समय में विभाग के कार्यालय किराये के एक जर्जर भवन में चल रहा है. व्यवसायियों की माने तो स्थायी रूप से अधिकारी नहीं रहने के कारण हम लोगों को अपने इलेक्ट्रॉनिक तराजू या माप तोल में प्रयुक्त होने वाले वाट और तराजू का सत्यापन कराने में काफी कठिनाइयों का सामना करना पड़ता है.
प्रभारी माप-तोल निरीक्षक के भरोसे ही जिले के माप तौल विभाग का कार्य संचालित हो रहा है. वर्तमान समय में पदस्थापित माप तोल निरीक्षक सोमवार और मंगलवार दो ही दिन बैठते हैं. जिसके कारण हम लोगों को अपने वाट और उसके प्रमाणीकरण में काफी फजीहत झेलनी पड़ती है. कार्यालय में न तो कोई आदेशपाल और न ही कोई सहायक पदस्थापित है. कर्मी के नाम पर सिर्फ एक मरम्मत करनेवाला पदस्थापित है जिसके द्वारा इलेक्ट्रॉनिक मशीन से सभी प्रकार के बाट और इलेक्ट्रॉनिक तराजू की जांच कर सही पाये जाने पर उसे सील बंद किया जाता है. लेकिन अधिकारी के ससमय मौजूद नहीं रहने के कारण उसके प्रमाणीकरण का प्रमाण पत्र लेने के लिए हम लोगों को कार्यालय का चक्कर लगाना पड़ता है.
