जमुई : सदर प्रखंड क्षेत्र के नीमनवादा महादलित टोला में पेयजल की किल्लत के कारण लोगों को काफी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है. ग्रामीणों की माने तो हमारे गांव में पेयजल की इतनी किल्लत है कि गर्मी के मौसम में हमें दूसरे टोला से अपनी सभी आवश्यकताओं की पूर्ति के लिए पानी लाना […]
जमुई : सदर प्रखंड क्षेत्र के नीमनवादा महादलित टोला में पेयजल की किल्लत के कारण लोगों को काफी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है. ग्रामीणों की माने तो हमारे गांव में पेयजल की इतनी किल्लत है कि गर्मी के मौसम में हमें दूसरे टोला से अपनी सभी आवश्यकताओं की पूर्ति के लिए पानी लाना पड़ता है. जिससे हमलोगों को काफी कठिनाई होती है .
ग्रामीणों ने बताया कि बाबू हम लोग कभी-कभी तो एक-एक बूंद पानी के लिए बहुत परेशान हो जाते हैं और हमें पानी के लिए काफी मशक्कत करनी पड़ती है. गर्मी के दिन में हमारे टोला में लगा हुआ एक चापाकल खराब हो जाता है तो हमें पानी के लिए दूसरे टोला या दूसरे गांव का रुख करना पड़ता है. यह समस्या हमारे टोला में सालों भर बनी रहती है. हम लोग इसके लिए कई बार अलग-अलग अधिकारियों से गुहार लगा चुके हैं. लेकिन किसी ने भी हमारी समस्या की ओर ध्यान नहीं दिया. जिसके कारण हमारे टोला में यह समस्या खत्म होने का नाम ही नहीं ले रही है. अब हम लोग क्या करें या हमें कुछ समझ में ही नहीं आ रहा है.
हम लोग सभी जगह इस समस्या को लेकर आवेदन देकर और गुहार लगा लगा कर परेशान हो चुके हैं .रुदल मांझी, राम मांझी, रामदीन मांझी, अरुण मांझी, कपिलधर मांझी, सुखदेव मांझी, मंगल मांझी आदि ने बताया कि पेयजल की समस्या से हम लोग सालों हम जूझते रहते हैं और लाख प्रयास करने के बाद भी हमारे गांव में यह समस्या खत्म होने का नाम ही नहीं ले रही है. हम लोग पेयजल के लिए स्थानीय जनप्रतिनिधियों से भी कई बार गुहार लगा कर परेशान हो चुके हैं. लेकिन किसी ने आज तक हमारी समस्या को दूर नहीं किया.
एक चापाकल के भरोसे हैं 500 सौ लोग
दुलारी देवी, स्नेहलता देवी, विमला देवी, सुलोचना देवी आदि बताती हैं कि हमारे गांव में लगभग 50 घर है जिसमें 400 से 500 लोग निवास करते हैं और सभी को पानी के लिए मात्र एक चापाकल पर निर्भर करना पड़ता है. यह चापाकल जब गर्मी के दिन में खराब हो जाता है या किसी वजह से इसमें कोई खराबी आ जाती है तो हम लोगों को पेयजल के लिए इधर-उधर भटकना पड़ता है. अगर हम लोग दूसरे गांव में या किसी दूसरे टोला में चापाकल पर पानी लेने के लिए जाते हैं तो वहां के लोगों के द्वारा हम लोगों को पानी लेने से मना किया जाता है और भला बुरा कह कर भगा दिया जाता.