छत से टूट कर गिरता है प्लास्टर और बारिश में टपकता है पानी

जमुई : सदर अंचल कार्यालय का कार्यालय भवन जर्जर हो जाने के कारण कार्यरत कर्मियों को भय के साये में कार्य करना पड़ता है. जिसके कारण हर हमेशा अनहोनी घटना की आशंका बनी रहती है. कर्मियों की माने तो कार्यालय का भवन काफी पुराना हो चुका है और कई जगहों से छत और दीवार का […]

जमुई : सदर अंचल कार्यालय का कार्यालय भवन जर्जर हो जाने के कारण कार्यरत कर्मियों को भय के साये में कार्य करना पड़ता है. जिसके कारण हर हमेशा अनहोनी घटना की आशंका बनी रहती है. कर्मियों की माने तो कार्यालय का भवन काफी पुराना हो चुका है और कई जगहों से छत और दीवार का प्लास्टर टूट कर गिरता रहता है. सबसे बड़ी परेशानी तो बारिश के मौसम में होती है जब हल्की सी बारिश होने पर भी कार्यालय की छत से जगह जगह से पानी रिसने लगता है.

जिससे कार्य करना दूभर हो जाता है. कई बार तो काम करने के दौरान ही छत का प्लास्टर टूट कर गिर गया और अनहोनी दुर्घटना होते होते बाल बाल बच गया. भगवान का नाम लेकर हमलोगों को इस भवन में बैठ कर कार्यों का निष्पादन करना पड़ता है. जानकारी के अनुसार अंचल कार्यालय की स्थापना 19 अगस्त 1981 को हुई थी और स्थापना काल से लेकर आज तक सही तरीके से रख रखाव नहीं होने के कारण कार्यालय की स्थिति जर्जर हो चुकी है.

वर्तमान समय में कार्यालय में अंचलाधिकारी ,एक अंचल निरीक्षक, तीन सहायक और चार नियमित राजस्व कर्मचारी तथा अनुबंध पर तीन राजस्व कर्मचारी कार्यरत हैं. जमुई अंचल में 15 हल्का और 98 मौजा है. लेकिन इसके बावजूद भी कार्यालय की जर्जर हालत सभी कर्मियों के लिए चिंता और परेशानी का कारण बनी हुई है.
कहते हैं सीओ
इस बाबत पूछे जाने पर अंचलाधिकारी संजय कुमार सिंह ने बताया कि कार्यालय का भवन जर्जर होने के कारण फिलहाल अभिलेखागार को कार्यालय के कार्य के लिए भी इस्तेमाल किया जा रहा है. इसकी मौखिक सूचना जिला प्रशासन को दे दी गयी है.

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