बिहार में संविदा की नौकरी के लिए चरित्र प्रमाण पत्रों के नियम हुए कठोर, अब डीएम-एसपी करेंगे जांच

राज्य सरकार ने संविदा पर नियुक्ति होने वाले अभ्यर्थियों के चरित्र प्रमाण पत्र के नियमों को कठोर कर दिया है.

पटना. राज्य सरकार ने संविदा पर नियुक्ति होने वाले अभ्यर्थियों के चरित्र प्रमाण पत्र के नियमों को कठोर कर दिया है.

अभ्यर्थी नियुक्ति से पहले जो चरित्र प्रमाण पत्र देगा उसकी जांच अब डीएम- एसपी के स्तर से करायी जायेगी. सामान्य प्रशासन विभाग ने सोमवार को विभिन्न सेवाओं – संवर्गों के पदों पर संविदा के आधार पर नियोजन के लिये उम्मीदवारों के चरित्र सत्यापन के नियम का नये सिरे से निर्धारण किया है. अब अभिलेखों की जांच के लिये दिये जाने वाले प्रपत्र को अभ्यर्थी को स्वयं भरना होगा.

किसी अभ्यर्थी पर यदि कोई केस है तो इसका जिक्र उसे करना होगा. किसी सूचना को छिपाना कदाचार माना जायेगा. अभ्यर्थी द्वारा दिये गये सत्यापन प्रपत्र को डीएम-एसपी को भेजेंगे. वह थाना पुलिस या सीआइडी से इसकी जांच करायेंगे.

इसके बाद नियुक्ति प्राधिकार की मंजूरी के बाद ही नियोजन किया जायेगा. सामान्य प्रशासन विभाग ने इस आदेश का पालन कराने के लिये सभी एसीएस, प्रधान सचिव, सचिव, डीजीपी, कमिश्नर और डीएम को पत्र भेज दिया है.

विभाग ने इस बाबत प्रमाण पत्र का फार्मेट भी जारी किया है. जिसमें पढ़ाइ के दिनाें की भी किसी आपराधिक मामले या अन्य कोई भी मामले की जानकारी देने को कहा है. प्रमाण पत्र में अावेदक का फोटाे भी लगे होंगे.

Posted by Ashish Jha

प्रभात खबर डिजिटल टॉप स्टोरी

लेखक के बारे में

By Prabhat khabar news desk

यह प्रभात खबर का न्यूज डेस्क है। इसमें बिहार-झारखंड-ओडिशा-दिल्‍ली समेत प्रभात खबर के विशाल ग्राउंड नेटवर्क के रिपोर्ट्स के जरिए भेजी खबरों का प्रकाशन होता है।
Read More
ePaper

अपने दैनिक समाचार अनुभव को और बेहतरीन बनाएं

सिर्फ ₹399 ₹149

एक साल के लिए

आज ही सब्सक्राइब करें

संबंधित खबरें >

यह भी पढ़ें >