UPSC-CPPSC में मिली नाकामी तो बदला रास्ता, BPSC पहले प्रयास में किया क्रैक; IAS नीलिमा साहू का हुआ तबादला

नीलिमा साहू को नवादा के डीडीसी पद से हटाकर स्वास्थ्य विभाग, पटना में संयुक्त सचिव की जिम्मेदारी दी गई है. खास बात यह है कि नीलिमा साहू ने यूपीएससी और सीजीपीएससी की परीक्षा में दो बार इंटरव्यू तक का सफर तय किया, लेकिन सफलता नहीं मिली. इसके बाद उन्होंने BPSC की परीक्षा दी और पहले ही प्रयास में सफल होकर बिहार प्रशासनिक सेवा में शामिल हुईं. गांव से निकलकर सिविल सेवा तक पहुंचने की उनकी कहानी संघर्ष और हौसले की मिसाल है.

बिहार सरकार ने 28 अगस्त को आईएएस नीलिमा साहू समेत भारतीय प्रशासनिक सेवा के छह अधिकारियों का तबादला किया है। नीलिमा साहू को उप विकास आयुक्त-सह-मुख्य कार्यपालक पदाधिकारी, जिला परिषद, नवादा के पद से स्थानांतरित कर स्वास्थ्य विभाग, पटना में संयुक्त सचिव की नई जिम्मेदारी सौंपी गई है. नीलिमा साहू की सफलता की कहानी बेहद प्रेरणादायी है. उन्होंने यूपीएससी और सीजीपीएससी की परीक्षाओं में दो बार इंटरव्यू तक का सफर तय किया, लेकिन अंतिम चयन सूची में जगह नहीं बना सकीं. इसके बावजूद उन्होंने हिम्मत नहीं हारी और अपने लक्ष्य से पीछे नहीं हटीं. इसके बाद उन्होंने बिहार लोक सेवा आयोग (BPSC) की परीक्षा दी और पहले ही प्रयास में सफल होकर बिहार प्रशासनिक सेवा में शामिल हो गईं.

गांव से शुरू हुई पढ़ाई, सिविल सेवा का बनाया लक्ष्य

नीलिमा साहू का जन्म छत्तीसगढ़ के दुर्ग जिले के मतवारी गांव में हुआ. पांच भाई-बहनों में वह तीसरे नंबर पर हैं. उनकी शुरुआती पढ़ाई गांव में ही हुई. 10वीं की पढ़ाई पूरी करने के बाद उन्होंने आंध्र प्रदेश के गुंटूर स्थित जवाहर नवोदय विद्यालय से 11वीं और 12वीं की पढ़ाई की. इसके बाद वर्ष 2000 में उन्होंने शासकीय डिग्री कॉलेज, रायपुर से बीएससी की डिग्री हासिल की. पढ़ाई पूरी करने के बाद उन्होंने सिविल सेवा परीक्षा की तैयारी शुरू कर दी। तैयारी के सिलसिले में वह कुछ समय के लिए दिल्ली भी रहीं.

दिल्ली में रहते हुए उन्होंने यूपीएससी और सीजीपीएससी की परीक्षाएं दीं. दोनों परीक्षाओं में वह इंटरव्यू तक पहुंचीं, लेकिन अंतिम चयन सूची में उनका नाम नहीं आ सका. यह वह मुकाम होता है, जहां कई अभ्यर्थी निराश होकर अपना लक्ष्य बदल लेते हैं. लेकिन नीलिमा साहू ने ऐसा नहीं किया. उन्होंने लक्ष्य वही रखा, सिर्फ रास्ता बदल दिया.

बिहार से जुड़ी अन्य ताजा खबरों के लिए यहां क्लिक करें..

BPSC में पहले ही प्रयास में मिली सफलता

यूपीएससी और सीजीपीएससी में अंतिम सफलता नहीं मिलने के बाद नीलिमा साहू ने बिहार लोक सेवा आयोग (BPSC) की परीक्षा दी. उन्होंने पहले ही प्रयास में परीक्षा पास कर ली और बिहार प्रशासनिक सेवा में शामिल हुईं. इसके बाद उन्होंने प्रशासनिक सेवा में लगातार आगे बढ़ते हुए कई महत्वपूर्ण जिम्मेदारियां संभालीं.नीलिमा साहू बापू टावर स्थित महात्मा गांधी मल्टीमीडिया संग्रहालय, पटना में ओएसडी के पद पर भी अपनी जिम्मेदारी निभा चुकी हैं. नवादा में उप विकास आयुक्त-सह-मुख्य कार्यपालक पदाधिकारी, जिला परिषद के पद पर भी उन्होंने काम किया। अब सरकार ने उन्हें स्वास्थ्य विभाग, पटना में संयुक्त सचिव की नई जिम्मेदारी सौंपी है.

सेवानिवृत्त हेडमास्टर की बेटी हैं नीलिमा

नीलिमा साहू के पिता भैया लाल साहू सेवानिवृत्त हेडमास्टर हैं, जबकि उनकी मां ढेलेश्वरी साहू गृहिणी हैं. नीलिमा साहू के पति अमूल्य कुमार व्यवसायी हैं. उनका बेटा अगस्त्य कुमार 10वीं कक्षा में, जबकि बेटी अनाया पांचवीं कक्षा में पढ़ाई कर रही है.नीलिमा साहू की कहानी उन युवाओं के लिए मिसाल है, जो प्रतियोगी परीक्षाओं में बार-बार प्रयास के बावजूद सफलता हासिल नहीं कर पाते. उनकी यात्रा बताती है कि असफलता लक्ष्य तक पहुंचने की राह को रोक नहीं सकती. जरूरत सिर्फ इतनी है कि लक्ष्य को कायम रखते हुए सफलता का रास्ता बदला जाए.

Also Read: UPSC में दो बार परचम लहराने वाली दिव्या शक्ति अब संभालेंगी बिहार में शराबबंदी की कमान


प्रभात खबर डिजिटल टॉप स्टोरी

लेखक के बारे में

By Rajeshkumar Ojha

Senior Journalist with more than 20 years of experience in reporting for Print & Digital.
Read More
ePaper

अपने दैनिक समाचार अनुभव को और बेहतरीन बनाएं

सिर्फ ₹399 ₹149

एक साल के लिए

आज ही सब्सक्राइब करें

संबंधित खबरें >

यह भी पढ़ें >