hajipur news. लोकतंत्र के आंगन वैशाली में मतदाताओं ने बढ़ाया मान, मतदान प्रतिशत रहा 68.45

पिछले विधानसभा चुनाव के मुकाबले इस बार 11.07 प्रतिशत ज्यादा मतदान, लोकतंत्र में पुरुषों की अपेक्षा दिखी महिलाओं की ज्यादा सहभागिता

हाजीपुर. बिहार विधानसभा चुनाव के अंतर्गत लोकतंत्र के महोत्सव के दौरान लोकतंत्र के आंगन वैशाली में मतदाताओं ने गुरुवार को मतदान के दिन जमकर उत्साह दिखाया. इस कारण शाम छह बजे के बाद भी कई मतदान केंद्रों पर मतदाताओं की लाइनें दिखी. यही कारण था कि अंतिम रूप से जिले का मतदान प्रतिशत 68.45 पहुंच गया. इस बंपर मतदान के पीछे महिला शक्ति की भी ताकत थी, जिसने सुबह से मतदान केंद्रों पर अपनी उपस्थिति दर्ज कराते हुए रिकार्ड 71.57 प्रतिशत मतदान किया. वहीं पुरुष मतदाताओं का मतदान प्रतिशत 65.66 प्रतिशत रहा. पिछले बार के विधानसभा चुनाव 2020 का रिकार्ड तोड़ते हुए मतदाताओं ने पिछले विधानसभा चुनाव से 11.07 प्रतिशत मतदान ज्यादा किया.

महिलाओं ने किया 71.57 प्रतिशत मतदान

जिस तरह से मतदान प्रतिशत के अंतिम आंकड़े आये हैं. इस आंकड़े में लोकतंत्र में पुरुषों की अपेक्षा महिलाओं की ज्यादा सहभागिता दिखी. महिलाओं का मतदान प्रतिशत 71.57 प्रतिशत हो गया. वहीं पुरुषों का मतदान प्रतिशत 65.66 रहा. सबसे ज्यादा महुआ विधानसभा क्षेत्र में महिलाओं ने दम दिखाया और सुबह से मतदान केंद्रों पर लगी लंबी लाइन ने यहां मतदान प्रतिशत 74.96 पहुंचा दिया. वहीं महिलाओं का सबसे कम मतदान प्रतिशत हाजीपुर में रहा, जहां महिलाओं का मतदान प्रतिशत 67.05 रहा. लोकतंत्र के इस उत्सव का उत्साह ऐसा था कि शहर के बसावन सिंह इंडोर स्टेडियम में एक आठ माह की गर्भवती महिला भी मतदान के लिये पहुंची थी. दृष्टि सिन्हा अपने पूरे परिवार के साथ सुबह सात बजे मतदान केंद्र पर पहुंच गयी थी. इन्होंने उत्साह पूर्वक मतदान किया. मतदान केंद्रों पर महिला पुलिस पदाधिकारियोें ने भी महिलाओं को मतदान केंद्र पर ऐसा माहौल दिया, जिससे महिलाओं को मतदान में किसी प्रकार की परेशानी नहीं आयी. जिला निर्वाचन पदाधिकारी सह डीएम वर्षा सिंह के निर्देश पर कई दिनों पूर्व से लगातार जीविका दीदियों के साथ ही आंगनबाड़ी केंद्रों की सेविका एवं सहायिकाओं द्वारा मतदाता जागरूकता अभियान चलाया जा रहा था. मतदान प्रतिशत बढ़ाने के लिए एक साथ कई बिंदुओं पर कार्य किये जा रहे थे. इसमें भारत स्काउड एंड गाइड द्वारा विद्यालयों के माध्यम से बच्चों के अभिभावकों के साथ संपर्क साधा गया. मतदान के लिए विद्यालयों के छात्र- छात्राओं ने अपने अभिभावकों को शपथ दिलाई. इसके साथ ही बीएलओ के माध्यम से ऐसे मतदान केंद्रों पर विशेष ध्यान दिया गया, जहां पिछले चुनाव में मतदान प्रतिशत कम रहा हो.

हर घर पर जीविका, आंगनबाड़ी सेविका और बीएलओ ने दी दस्तक

बताया जाता है कि डीएम वर्षा सिंह ने मतदान प्रतिशत बढ़ाने को लेकर एक साथ कई टास्क तय किया. इसमें सबसे पहला टास्क था, सबसे कम मतदान प्रतिशत वाले मतदान केंद्रों को चिन्हित किया जाय. मतदान केंद्रों को चिन्हित करने के बाद वैसे मतदाताओं को चिन्हित किया जाये, जिन्होंने पिछले चुनाव में मतदान नहीं किया हो, वैसे लोगों को चिन्हित कर उन्हें मतदान के लिये प्रेरित किया जाय. इस टास्क को पूरा करने के लिए वरिष्ठ पदाधिकारियों के साथ ही माइ्क्रो लेबल पर जीविका, आंगनबाड़ी केंद्रों की सेविका- सहायिका एवं बीएलओ ने ऐसे मतदाताओं को मतदान के लिए प्रेरित किया.

छठ के बाद भी मतदान के लिए कई स्थानों पर रुके रहे प्रवासी

लोक आस्था के महापर्व छठ पर पहुंचे प्रवासियों ने भी लोकतंत्र के उत्सव में अपनी भूमिका निभाने का विचार किया था. यही कारण था कि लोगों ने मतदान के दिन का बेसब्री से इंतजार किया. इन प्रवासियों ने भी मतदान के दिन अपने मतदान केंद्रों पर पहुंचे और मतदान किया. इन प्रवासियों को कई बार मतदान के लिए विशेष रुप से अपने घर पहुंचना मुश्किल होता है. लेकिन संयोग था कि इस बार छठ के बाद कार्तिक पूर्णिमा के ठीक अगले दिन मतदान की तिथि थी. इस कारण ये प्रवासी मतदान के दिन का इंतजार किया था.

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