hajipur news. वीबी-जीरामजी को निरस्त कर, फिर से शुरू हो मनरेगा
संयुक्त किसान मोर्चा के देशव्यापी प्रदर्शन के तहत शुक्रवार को प्रखंड सह अंचल कार्यालय परिसर में एक दिवसीय विरोध प्रदर्शन किया गया
महुआ. संयुक्त किसान मोर्चा के देशव्यापी प्रदर्शन के तहत शुक्रवार को प्रखंड सह अंचल कार्यालय परिसर में एक दिवसीय विरोध प्रदर्शन किया गया. इस दौरान प्रदर्शनकारियों ने वीबी-जीरामजी अधिनियम निरस्त करने के साथ ही कई मांगों के लेकर प्रदर्शन किया. मोर्चा के ललित कुमार घोष, विश्वनाथ विप्लवी के संयुक्त नेतृत्व में आयोजित प्रदर्शन के दौरान सभा को संबोधित करते हुए वक्ताओं ने कहा कि केंद्र सरकार किसान विरोधी है. मनरेगा जैसे कल्याणकारी योजनाओं को बंद कर मनरेगा का नाम बदलकर वीबी-जीरामजी कर दिया है. वक्ताओं ने इसका विरोध करते हुए कहा कि केंद्र की मोदी सरकार की मनमानी नहीं चलेगी. अविलंब इसे निरस्त कर मनरेगा को पुनः चालू करे ताकि देश का विकास तेजी से हो सके.
पैक्सों में धान खरीद नहीं किये जाने पर जताया आक्रोश
इसके साथ ही सूबे में पैक्सों द्वारा धान की खरीद नहीं किए जाने पर आक्रोश जताते हुए किसान नेताओं ने कहा कि सरकार द्वारा 2369 रूपये प्रति क्विंटल धान खरीद करने की राशि निर्धारित की गई है. लेकिन पैक्स तरह तरह का बहाना बनाकर धान नहीं ले रहे हैं. मजबूरन किसान बिचौलियों की माध्यम औने-पौने दामों में धान बिक्री करने को मजबूर हैं. जबकि, संबंधित विभाग द्वारा कागज पर धान खरीद बताकर खानापूर्ति की जा रही है. वक्ताओं ने इसकी जांच कराने की मांग की है. प्रदर्शन के बाद एक प्रतिनिधि मंडल ने बीडीओ से मिलकर अपनी मांगों का ज्ञापन सौंपा.
इस मौके पर विश्वनाथ साहू, मोहन राय, शिवनाथ पटेल, अनिल राय, राजेश्वर सिंह, रामपुकार राय, बनारस राय, दिनेश मिश्रा, सूरज राय, ललन पंडित, तारकेश्वर राय, डॉ शंकर कुशवाहा सहित दर्जनों लोग शामिल थे.डिस्क्लेमर: यह प्रभात खबर समाचार पत्र की ऑटोमेटेड न्यूज फीड है. इसे प्रभात खबर डॉट कॉम की टीम ने संपादित नहीं किया है
