वैशाली में रसोई गैस संकट गहराया : स्टॉक घटा, होम डिलीवरी भी ठप हुआ

Hajipur News : 29 मई तक जिले में मात्र 7,409 एलपीजी सिलेंडरों का स्टॉक उपलब्ध है. वहीं जिले में 8,06,738 घरेलू उपभोक्ताओं को गैस उपलब्ध कराने की जिम्मेदारी 67 गैस एजेंसियों पर है.

Hajipur News :  कैफ अहमद की रिपोर्ट

जिले में एलपीजी गैस आपूर्ति को लेकर जिला प्रशासन भले ही व्यवस्था सामान्य होने का दावा कर रहा हो, लेकिन जमीनी हकीकत कुछ और ही तस्वीर पेश कर रही है. जिले में गैस एजेंसियों और गोदामों पर सिलेंडरों की भारी कमी के कारण उपभोक्ताओं को समय पर गैस नहीं मिल पा रही है. हालात ऐसे हैं कि कई जगहों पर होम डिलीवरी लगभग ठप हो चुकी है और उपभोक्ताओं को स्वयं एजेंसी या गोदाम पहुंचकर सिलेंडर लेना पड़ रहा है.

जिला आपूर्ति कार्यालय के अनुसार 29 मई तक जिले में मात्र 7,409 एलपीजी सिलेंडरों का स्टॉक उपलब्ध है. वहीं जिले में 8,06,738 घरेलू उपभोक्ताओं को गैस उपलब्ध कराने की जिम्मेदारी 67 गैस एजेंसियों पर है. प्रशासन का दावा है कि प्रतिदिन औसतन 12,549 सिलेंडरों की डिलीवरी की जा रही है, लेकिन उपभोक्ताओं और एजेंसी संचालकों की मानें तो वास्तविक स्थिति इससे काफी अलग है.

पहले रोज आता था एक से दो हजार सिलेंडर अब 300 से 400 ही आ रहा

गैस एजेंसी संचालकों का कहना है कि पहले एक-एक एजेंसी या गोदाम में प्रतिदिन 1000 से 2000 तक सिलेंडर उपलब्ध होते थे, जिससे उपभोक्ताओं को आसानी से गैस मिल जाती थी. लेकिन पिछले कुछ दिनों से आपूर्ति में भारी कमी आई है. अब कई एजेंसियों को प्रतिदिन केवल 300 से 400 सिलेंडर ही मिल रहे हैं. इतनी कम संख्या में सिलेंडर मिलने के कारण सभी उपभोक्ताओं की मांग पूरी करना संभव नहीं हो पा रहा है.

सुबह 7 बजे के बाद खत्म हो जाता है स्टॉक

कई गैस एजेंसियों पर सुबह 7 बजे से सिलेंडर वितरण शुरू होता है. लेकिन सीमित स्टॉक होने के कारण 20 से 25 मिनट के भीतर ही अधिकांश सिलेंडर खत्म हो जाते हैं. जो उपभोक्ता थोड़ी देर से पहुंचते हैं, उन्हें खाली हाथ लौटना पड़ता है. उपभोक्ताओं का कहना है कि पहले घर तक सिलेंडर पहुंच जाता था, लेकिन अब होम डिलीवरी नहीं के बराबर हो गई है. मुख्य सड़कों या एजेंसी परिसर से ही सिलेंडर का वितरण किया जा रहा है.

बढ़ती परेशानी के बीच प्रशासन ने बंद किए आंकड़े

दिलचस्प बात यह है कि कुछ दिन पहले तक जिला प्रशासन प्रतिदिन गैस बुकिंग, डिलीवरी, लंबित रिफिल और बैकलॉग की विस्तृत जानकारी सार्वजनिक कर रहा था. प्रशासन द्वारा जारी आंकड़ों के अनुसार 18 मई तक जिले में लंबित रिफिल बुकिंग बढ़कर 71,885 तक पहुंच गई थी और कई दिनों का बैकलॉग बना हुआ था. हालांकि पिछले करीब एक सप्ताह से प्रशासन द्वारा जारी प्रेस विज्ञप्तियों में लंबित बुकिंग, दैनिक डिलीवरी और बैकलॉग के विस्तृत आंकड़े सामने नहीं रखे जा रहे हैं. केवल उपलब्ध स्टॉक और औसत डिलीवरी का उल्लेख कर प्रेस विज्ञप्ति जारी की जा रही है.

जिला प्रसाशन की जांच और कार्रवाई जारी

जिला प्रशासन की ओर से गैस एजेंसियों और अन्य प्रतिष्ठानों का औचक निरीक्षण किया जा रहा है. एलपीजी वितरण, स्टॉक और अभिलेखों की जांच की गई तथा निर्धारित मानकों का पालन करने का निर्देश दिया गया. प्रशासन ने बताया कि कालाबाजारी और जमाखोरी के मामलों में अब तक तीन प्राथमिकी दर्ज की जा चुकी हैं, जिनमें दो मामले हाजीपुर अनुमंडल और एक मामला महनार क्षेत्र से संबंधित है.

Also Read : मक्के के खेत में खाद डालने गए किसान की करंट की चपेट में आने से हुई मौत

प्रभात खबर डिजिटल प्रीमियम स्टोरी

लेखक के बारे में

Published by: Rajeev Kumar

Digital Media Journalist having more than 2 years of experience in life & Style beat with a good eye for writing across various domains, such as tech and auto beat.

Read More

संबंधित खबरें >

यह भी पढ़ें >