पुलिस कर्मियों को दी गयी आइ-आरएडी तथा इ-डीएआर पोर्टल का प्रशिक्षण

समाहरणालय स्थित एसपी कार्यालय सभागार में जिले के 18 थानों के पुलिस पदाधिकारियों को सड़क दुर्घटना से संबंधित तथा यातायात नियमों को पूरी तरह डिजिटलाइज्ड करने को लेकर एक दिवसीय उन्मुखीकरण प्रशिक्षण दिया गया.

हाजीपुर.

समाहरणालय स्थित एसपी कार्यालय सभागार में जिले के 18 थानों के पुलिस पदाधिकारियों को सड़क दुर्घटना से संबंधित तथा यातायात नियमों को पूरी तरह डिजिटलाइज्ड करने को लेकर एक दिवसीय उन्मुखीकरण प्रशिक्षण दिया गया. प्रशिक्षण में मुख्य रूप से आई-आरएडी एवं इ-डीएआर के संबंध में विस्तार से जानकारी दी गयी. मुख्य प्रशिक्षक डीआरएम दिनेश कुमार ने पुलिस कर्मियों को प्रशिक्षण दिया. जिले के सभी थानों की पुलिस को प्रशिक्षण देने के लिए रोस्टर बनाया गया है. रोस्टर के अनुसार, एक सप्ताह के भीतर सभी थानों के एक-एक पदाधिकारी को इसकी ट्रेनिंग दी जानी है. प्रशिक्षण के लिए बनाए गए रोस्टर में प्रथम दिन जिले के 18 थानों की पुलिस को प्रशिक्षण दिया गया. पुलिस पदाधिकारियों को इसकी ट्रेनिंग देने का मुख्य उद्देश्य सड़क दुर्घटना में मौत या घायल होने पर पीड़ित के परिजनों को सही समय पर मुआवजा का लाभ दिलाना है.

ट्रैफिक डीएसपी दिलीप कुमार साह ने बताया कि सड़क दुर्घटना में लोगों की मौत होने या गंभीर रूप से घायल होकर दिव्यांग हो जाने पर उन्हें उचित मुआवजे के लिए कार्यालयों का चक्कर लगाना पड़ता था. इस समस्या के समाधान के लिए विभाग के निर्देश पर एक विशेष पोर्टल बनाया गया है. इस पोर्टल से सड़क दुर्घटना से जुड़े सभी विभागों को एक साथ जोड़ा गया है, ताकि पीड़ित परिवारों को अलग-अलग विभागों के चक्कर न लगाने पड़ें. पोर्टल की जानकारी के लिए जिले के सभी थानों के एक-एक पुलिस पदाधिकारी को इसका प्रशिक्षण दिया जाना है.क्या हैं आइ-आरएडी और इ-डीएआर : बताया गया कि विभिन्न मार्गों पर होने वाली सड़क दुर्घटनाओं का डेटाबेस तैयार करने के लिए पुलिस विभाग ने एक पोर्टल बनाया है, जिस पर सड़क हादसे की विस्तृत जानकारी अपलोड की जाती है. वहीं, ई-डीएआर पोर्टल मृतक के परिजनों को मुआवजा देने के लिए बनाया गया है. इन पोर्टलों पर डेटा अपलोड होने के बाद इससे जुड़े पुलिस, एमवीआइ, स्वास्थ्य विभाग और अन्य सभी संबंधित विभागों के लॉगीन पर स्वतः जानकारी साझा हो जाएगी, जिससे पीड़ितों को किसी भी कार्यालय का चक्कर नहीं लगाना पड़ेगा.सड़क दुर्घटना में मौत के बाद कई तरह के लाभ दिये जाने का प्रावधान : ट्रैफिक डीएसपी ने बताया कि सड़क हादसों में मौत के मामलों में पीड़ित परिवार को कई तरह के मुआवजे का लाभ दिए जाने का प्रावधान है. घटना के बाद अगर ठोकर मारने वाला वाहन फरार हो जाता है, तो ऐसे मामलों में मृतक के परिजनों को हीट एंड रन के तहत दो लाख रुपये बतौर मुआवजा देने का प्रावधान है. वहीं अगर घटना के बाद वाहन पकड़ लिया जाता है, तो ऐसे मामलों में मृतक की उम्र, उसकी आय के स्रोत और सालाना आमदनी के आधार पर कोर्ट के आदेश पर मुआवजा देने का प्रावधान किया गया है, जिसमें मुआवजा राशि एक लाख से एक करोड़ रुपये तक हो सकती है.

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