Raghopur Ganga Erosion : हाजीपुर के राघोपुर दियारा क्षेत्र में गंगा के बढ़ते जलस्तर और तेज बहाव से कटाव की स्थिति गंभीर बनी हुई है. शनिवार को बिहार विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी प्रसाद यादव अपने विधानसभा क्षेत्र राघोपुर पहुंचे और बाइक से प्रभावित इलाकों का जायजा लिया. उन्होंने नाव से बहरामपुर, पीर मोहम्मदपुर और केवला घाट का दौरा किया. इस दौरान कटाव पीड़ित ग्रामीणों से मुलाकात कर उनकी समस्याएं सुनीं और स्थायी कटाव निरोधी काम की मांग दोहराई.
गंगा के कटाव का जायजा लेने राघोपुर पहुंचे तेजस्वी
गंगा के बढ़ते जलस्तर और तेज बहाव के बीच तेजस्वी यादव शनिवार को राघोपुर के कटाव प्रभावित इलाकों में पहुंचे. उन्होंने स्थानीय नेताओं और प्रशासनिक अधिकारियों के साथ नाव पर सवार होकर तटवर्ती क्षेत्रों की स्थिति देखी. मौके पर उन्होंने कटाव की स्थिति, जलस्तर और प्रभावित परिवारों की समस्याओं की जानकारी ली.
बहरामपुर से केवला घाट तक पहुंचे
तेजस्वी यादव का दल नाव के जरिए प्रखंड के प्रभावित इलाकों बहरामपुर, पीर मोहम्मदपुर और केवला घाट पहुंचा. इन क्षेत्रों में उन्होंने ग्रामीणों से सीधे बातचीत की. लोगों ने उन्हें बताया कि गंगा के कटाव से उनकी खेती योग्य जमीन लगातार नदी में समा रही है.
सैकड़ों एकड़ जमीन नदी में समाने का दावा
ग्रामीणों ने बताया कि पिछले कुछ वर्षों में गंगा के कटाव के कारण सैकड़ों एकड़ उपजाऊ कृषि भूमि और कई आवासीय हिस्से नदी की धारा में विलीन हो चुके हैं. लोगों ने कहा कि अगर कटाव रोकने के लिए जल्द स्थायी व्यवस्था नहीं की गई तो आने वाले समय में स्थिति और गंभीर हो सकती है.
ग्रामीणों ने स्थायी कटाव निरोधी काम की मांग उठाई
कटाव पीड़ितों ने तेजस्वी यादव के सामने अपनी परेशानी रखी और संवेदनशील इलाकों में जल्द स्थायी कटाव निरोधी कार्य शुरू कराने की मांग की. ग्रामीणों का कहना था कि अस्थायी उपायों से समस्या का स्थायी समाधान नहीं हो रहा है. उन्होंने किसानों की जमीन और तटवर्ती आबादी को बचाने के लिए ठोस कदम उठाने की मांग की.
तेजस्वी बोले- राघोपुर की हो रही अनदेखी
निरीक्षण के बाद लोगों को संबोधित करते हुए तेजस्वी यादव ने कहा कि उन्होंने पहले भी राज्य सरकार और जल संसाधन विभाग से राघोपुर में गंगा कटाव रोकने के लिए बोल्डर पिचिंग कराने की मांग की थी. उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार और संबंधित विभाग ने राघोपुर की लगातार अनदेखी की है.
संवेदनशील घाटों पर बोल्डर पिचिंग की मांग दोहराएंगे
तेजस्वी यादव ने कहा कि राघोपुर की जनता ने उन्हें अपना विधायक चुना है और वर्तमान में वे नेता प्रतिपक्ष हैं. इसके बावजूद क्षेत्र की समस्या का अपेक्षित समाधान नहीं हुआ है. उन्होंने कहा कि वह एक बार फिर राज्य सरकार और संबंधित मंत्री से बात करेंगे. किसानों की जमीन, घर और तटवर्ती आबादी को बचाने के लिए संवेदनशील घाटों पर बोल्डर पिचिंग जरूरी है.
गंगा-गंडक के बढ़ते जलस्तर से बढ़ी बाढ़ की चिंता
वैशाली जिले में गंगा और गंडक नदियों के बढ़ते जलस्तर ने बाढ़ की चिंता बढ़ा दी है. लालगंज में गंडक नदी खतरे के निशान से ऊपर बह रही है, जबकि हाजीपुर में जलस्तर अभी खतरे के निशान से नीचे है. अगले 48 घंटे में बारिश की संभावना को देखते हुए प्रशासन ने निचले, तटीय और दियारा क्षेत्रों में निगरानी बढ़ा दी है.
लालगंज में खतरे के निशान से ऊपर गंडक
22 अगस्त को लालगंज में गंडक नदी का जलस्तर 50.58 मीटर दर्ज किया गया. यहां खतरे का निशान 50.50 मीटर है. यानी नदी का पानी खतरे के निशान से 0.08 मीटर ऊपर बह रहा था. केंद्रीय जल आयोग के अनुसार उस समय लालगंज में जलस्तर स्थिर था.
हाजीपुर में खतरे के निशान से नीचे जलस्तर
हाजीपुर में 22 अगस्त को गंडक नदी का जलस्तर 49.38 मीटर दर्ज किया गया. यहां खतरे का निशान 50.32 मीटर है. इस तरह जलस्तर खतरे के निशान से 0.94 मीटर नीचे रहा. हालांकि बारिश की संभावना के कारण प्रशासन लगातार स्थिति पर नजर रख रहा है.
छह अंचलों में विशेष निगरानी
बाढ़ की संभावित स्थिति को देखते हुए राघोपुर, बिदुपुर, हाजीपुर सदर, महनार, सहदेई बुजुर्ग और देसरी अंचलों को विशेष निगरानी में रखा गया है. अधिकारियों को लगातार क्षेत्र का भ्रमण करने और तटबंधों, जलभराव वाले स्थानों तथा निचले इलाकों की स्थिति पर नजर रखने को कहा गया है.
तटबंधों और सुरक्षा बांधों की निगरानी तेज
जल संसाधन विभाग के अभियंता, तकनीकी कर्मी और गृह रक्षा वाहिनी के जवान तटबंधों और सुरक्षा बांधों की निगरानी कर रहे हैं. जहां रिसाव या कटाव की आशंका है, वहां संवेदनशील स्थानों की पहचान कर जरूरी निरोधात्मक कार्रवाई की जा रही है.
राघोपुर समेत चार जगह SDRF की तैनाती
संभावित बाढ़ की स्थिति से निपटने के लिए हाजीपुर, महनार, राघोपुर और लालगंज में SDRF की टुकड़ियां रणनीतिक स्थानों पर तैनात रखी गई हैं. जरूरत पड़ने पर इन टीमों का इस्तेमाल राहत और बचाव कार्यों में किया जा सकेगा.
नावों के परिचालन पर प्रशासन की नजर
जलस्तर बढ़ने के बीच नदी में नावों के परिचालन को लेकर भी प्रशासन सतर्क है. नावों में निर्धारित क्षमता से अधिक यात्रियों को सवार करने पर रोक है. राघोपुर के रामपुर गांव, रुस्तमपुर और चकऔसन घाट पर जरूरत के अनुसार नावों की व्यवस्था की गई है.
अधिकारियों से ग्रामीणों के साथ समन्वय का आग्रह
राघोपुर दौरे के दौरान तेजस्वी यादव ने अधिकारियों और अभियंताओं से जलस्तर तथा कटाव की जानकारी ली. उन्होंने ग्रामीणों के साथ लगातार समन्वय बनाए रखने पर जोर दिया और किसी भी आपात स्थिति में त्वरित कार्रवाई सुनिश्चित करने की बात कही.
प्रशासन ने लोगों से सावधानी बरतने की अपील की
जिला प्रशासन ने नदी, घाट और तटबंधों के आसपास अनावश्यक आवाजाही से बचने की अपील की है. प्रशासन ने लोगों से जलस्तर बढ़ने की स्थिति में सतर्क रहने और स्थानीय अधिकारियों के निर्देशों का पालन करने को कहा है.
आपात स्थिति में इन नंबरों पर करें संपर्क
किसी भी आपात स्थिति में जिला आपातकालीन संचालन केंद्र से संपर्क किया जा सकता है. प्रशासन की ओर से 06224-260233 और 06224-260234 नंबर जारी किए गए हैं. बाढ़ या कटाव से जुड़ी आपात स्थिति में लोग इन नंबरों पर सूचना दे सकते हैं.
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