सूरत में 50 लाख की बैंक लूट का वैशाली कनेक्शन, नाम बदलकर छिपा था आरोपी; पिस्टल-कारतूस के साथ गिरफ्तार

वैशाली पुलिस ने एक बड़ी कार्रवाई करते हुए सूरत एसबीआई से 50 लाख की लूट के मामले में फरार चल रहे एक कुख्यात अपराधी को गिरफ्तार किया है. आरोपी पियूष कुमार उर्फ प्रिंस कुमार, नाम बदलकर छिपा हुआ था और उसके पास से हथियार भी बरामद हुए हैं. यह गिरफ्तारी एक अंतरराज्यीय गिरोह के पर्दाफाश की ओर एक महत्वपूर्ण कदम है.

Vaishali News: जिले के बलिगांव थाना की पुलिस ने गुप्त सूचना के आधार पर त्वरित कार्रवाई करते हुए हबीबपुर पुल के पास से एक कुख्यात अपराधी को रंगे हाथ गिरफ्तार कर लिया. पुलिस ने पकड़े गए बदमाश के पास से एक लोडेड देशी पिस्टल और चार जिंदा कारतूस बरामद किए हैं. गिरफ्तार अपराधी की पहचान महिसौर थाना क्षेत्र के मुर्तुजापुर गांव निवासी जितेंद्र राय के पुत्र पियूष कुमार उर्फ प्रिंस कुमार के रूप में हुई है. महुआ एसडीपीओ संजीव कुमार ने एसपी कार्यालय सभागार में आयोजित प्रेस वार्ता के दौरान इस गिरफ्तारी का विधिवत खुलासा किया.

सूरत एसबीआई से 50 लाख की लूट

एसडीपीओ संजीव कुमार ने बताया कि गिरफ्तार पियूष कुमार गुजरात के सूरत शहर स्थित भारतीय स्टेट बैंक (SBI) की शाखा से 50 लाख रुपये की भीषण डकैती मामले में सूरत पुलिस का मुख्य वांछित आरोपी है. पूछताछ में आरोपी ने स्वीकार किया कि वर्ष 2022 में पटना में रहने के दौरान उसकी मुलाकात बेउर जेल में बंद कुख्यात धीरज सिंह बावला से हुई थी. उसी की योजना के तहत वह अप्रैल माह में सूरत पहुंचा, जहां चंदन नामक साथी से संपर्क कर 27 अप्रैल 2026 को बैंक कर्मियों को बंधक बनाकर 50 लाख रुपये की डकैती को अंजाम दिया था.

असली पहचान छुपाकर पटना में था पनाह

वारदात को अंजाम देने के बाद पियूष ट्रेन पकड़कर पटना लौट आया और अपनी असली पहचान छुपाने के लिए खुद का नाम 'प्रिंस कुमार' रख लिया. इस बीच सूरत पुलिस द्वारा गिरोह के सरगना चंदन सहित कई साथियों को गिरफ्तार किया गया, लेकिन पियूष नाम बदलकर गिरफ्तारी से बचता रहा. इसके अलावा आरोपी ने अपने गिरोह के साथ मिलकर झारखंड के गोड्डा जिले में भी एक्सिस बैंक की शाखा लूटने का प्रयास किया था, जिसमें वे असफल रहे थे.

ठिकाने बदल रहा था अंतरराज्यीय गिरोह का बदमाश

गिरफ्तारी से बचने के लिए पियूष लगातार अपने ठिकाने बदल रहा था. शुक्रवार की देर रात बलिगांव पुलिस को हबीबपुर पुल के पास अपराधियों के जुटने की सटीक सूचना मिली थी, जिसके बाद पुलिस ने चारों तरफ से घेराबंदी कर उसे धर दबोचा. पुलिस अब इस कुख्यात का पूरा आपराधिक इतिहास खंगाल रही है और गुजरात पुलिस से भी संपर्क स्थापित कर आगे की विधिक कार्रवाई में जुट गई है.

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By अभिषेक कुमार

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