hajipur news. परिसीमन की प्रक्रिया तेज, बिदुपुर के नगर पंचायत बनने की संभावना प्रबल

प्रखंड कार्यालय के सूत्रों की मानें तो, एक सप्ताह के भीतर ही परिसीमन का कार्य पूर्ण कर जिला को रिपोर्ट सौंप दी जायेगी

राजीव कुमार सिंह, बिदुपुर. विधानसभा चुनाव खत्म होते ही बिदुपुर में पंचायत चुनाव परिसीमन की सरगर्मी काफी बढ़ गयी है. परिसीमन का कार्य काफी तेज गति में है. हर चौक-चौराहे एवं गली-मुहल्ले में इस बात की चर्चा जोरों पर है कि कौन- कौन वार्ड नगर पंचायत क्षेत्र में शामिल हो रहे हैं, तो कौन से क्षेत्र पंचायत क्षेत्र में रह जा रहे हैं. वहीं, दूसरी ओर पंचायत प्रतिनिधि भी काफी सशंकित है कि उनका इलाका नगर क्षेत्र में जायेगा या फिर ग्रामीण क्षेत्र में ही रह जायेगा. हालांकि, पंचायत चुनाव परिसीमन को लेकर अंदर ही अंदर प्रशासनिक सरगर्मी काफी तेज है.

प्रखंड कार्यालय के सूत्रों की मानें तो, एक सप्ताह के भीतर ही परिसीमन का कार्य पूर्ण कर जिला को रिपोर्ट सौंप दी जायेगी. इसके लिए जिले से प्रस्ताव मांगा गया है. परिसीमन को लेकर बीडीओ कुमार मनीष भारद्वाज भी काफी सक्रिय हैं, वे बीते दो दिनों से वर्तमान एवं पूर्व पंचायत प्रतिनिधि से लगातार संपर्क कर फीडबैक लेने में लगे हैं. इतना ही नहीं सभी राजस्व कर्मचारी, अंचल कर्मी, पदाधिकारी आदि के साथ बैठक कर जानकारी एकत्रित करने में लगे हैं.

क्या होता है परिसीमन

आबादी के अनुरूप पंचायत का परिसीमन किया जाता है, चाहे नगर परिसीमन हो अथवा पंचायत परिसीमन दोनों में अलग-अलग विधि काम आता है. नगर परिसीमन में आबादी के साथ साथ राजस्व गांव को जोड़ा जाता है, जबकि पंचायत परिसीमन केवल आबादी के मुताबिक गठन किया जाता है. 12 हजार से ऊपर आबादी या 75 प्रतिशत से ज्यादा गैर कृषि जमीन होने पर पंचायत को नगर में उत्क्रमित किया जाता है. इसके अलावे भी कई विकल्प को ध्यान में रख कर परिसीमन किया जाता है, जबकि पंचायत परिसीमन में लगभग 12 हजार आबादी पर किया जाता है.

नये परिसीमन से कई पंचायतों के नाम भी बदलेंगे

पंचायत परिसीमन लागू होने पर कई पंचायतों के नाम भी बदल जाने की उम्मीद है, जैसे उदाहरण के तौर पर बिदुपुर बाजार से मायाराम हाट अगर परिसीमन में लागू होकर नगर पंचायत बनता है, तो शीतलपुर कमालपुर पंचायत के लगभग छह से अधिक वार्ड के कट जाने की उम्मीद है, जब छह से अधिक वार्ड कट कर नगर पंचायत में जुड़ेगा तो स्वाभाविक है कि शीतलपुर कमालपुर की जगह रामदौली पंचायत होगा. ठीक इसी तरह अमेर पंचायत और नावानगर पंचायत के भी कई वार्ड प्रभावित होंगे और इन दोनों पंचायतों के नाम भी आबादी के अनुरूप स्वतः बदल सकते हैं.

बिदुपुर प्रखंड के ये इलाके शामिल हो सकते हैं नगर पंचायत में

सूत्रों की माने तो बिदुपुर प्रखंड के चार घनी आबादी वाले बाजार को चिह्नित किया गया है. इन चारों बाजार को नगर पंचायत में शामिल होने की उम्मीद है. इसमें मुख्य रूप से हाजीपुर-महनार मुख्य मार्ग में पहला माइल पकड़ी बाजार, दूसरा बिदुपुर बाजार से लेकर मायाराम हाट तक और तीसरा चकौसन बाजार का नाम शामिल है. जबकि, चौथा हाजीपुर जंदाहा मुख्य मार्ग में चकसिकंदर बाजार पर विचार चल रहा है.

हो रहा है विचार

प्रखंड विकास पदाधिकारी कुमार मनीष भारद्वाज ने बताया कि नगर पंचायत परिसीमन पर विचार चल रहा है. नगर पंचायत के मापदंड पर खड़ा उतरने पर कार्य किया जायेगा. नगर पंचायत होने से विकास की रफ्तार में तेजी आयेगी. पंचायतों की अपेक्षा नगर का तीव्र गति से विकास होगा. खासकर बाजारों को नगर में तब्दील होना अति आवश्यक है.

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