Somvati Amavasya 2026 : (नीरज कुमार) वैशाली जिला के राजापाकर प्रखंड क्षेत्र के विभिन्न गांवों और कस्बों में सोमवार को सोमवती अमावस्या के अवसर पर सुहागिन महिलाओं ने श्रद्धा, भक्ति और आस्था के साथ व्रत रखकर अपने पति की लंबी आयु, उत्तम स्वास्थ्य एवं सुखमय दांपत्य जीवन की कामना की. सुबह से ही महिलाओं में धार्मिक उत्साह देखने को मिला. सोलह श्रृंगार कर महिलाएं अपने-अपने क्षेत्र के मंदिरों और देवस्थानों में पहुंचीं तथा विधि-विधान से पूजा-अर्चना की.
पीपल वृक्ष की पूजा कर मांगा अखंड सौभाग्य
धार्मिक मान्यताओं के अनुसार सोमवती अमावस्या के दिन पीपल वृक्ष की पूजा का विशेष महत्व होता है. महिलाओं ने पीपल वृक्ष की जड़ में जल अर्पित कर पूजा की तथा उसकी परिक्रमा करते हुए कच्चा सूत और कलावा बांधा. इस दौरान उन्होंने अपने पति के स्वस्थ, सुखी और दीर्घायु जीवन की कामना की.
सोमवती अमावस्या का है विशेष धार्मिक महत्व
शास्त्रों के अनुसार सोमवार के दिन पड़ने वाली अमावस्या को सोमवती अमावस्या कहा जाता है. हिंदू धर्म में इस तिथि को अत्यंत पुण्यदायी माना गया है. इस दिन स्नान, दान, पितृ तर्पण और भगवान शिव की आराधना का विशेष महत्व बताया गया है. मान्यता है कि इस दिन श्रद्धा और नियमपूर्वक व्रत करने से विशेष पुण्य फल की प्राप्ति होती है.
पवित्र नदियों और जलाशयों में लगाई आस्था की डुबकी
सोमवती अमावस्या के अवसर पर श्रद्धालुओं ने गंगा, यमुना समेत विभिन्न पवित्र नदियों तथा स्थानीय तालाबों और जलाशयों में स्नान कर धार्मिक अनुष्ठान किए. लोगों ने पितरों का तर्पण कर उनकी आत्मा की शांति के लिए प्रार्थना की.
शिव-पार्वती की आराधना से सुख-समृद्धि की कामना
महिलाओं ने भगवान शिव और माता पार्वती की पूजा-अर्चना कर परिवार की सुख-शांति, समृद्धि और वैवाहिक जीवन की खुशहाली की कामना की. धार्मिक मान्यता है कि सोमवती अमावस्या पर शिव-पार्वती की उपासना करने से दांपत्य जीवन में मधुरता बनी रहती है और परिवार में सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है.
मौन व्रत को बताया गया अत्यंत फलदायी
धार्मिक ग्रंथों में वर्णित मान्यताओं के अनुसार सोमवती अमावस्या के दिन मौन रहकर व्रत करने से हजारों गायों के दान के बराबर पुण्य प्राप्त होता है. इसी विश्वास के साथ कई श्रद्धालुओं ने दिनभर उपवास रखकर पूजा-पाठ और धार्मिक अनुष्ठान संपन्न किए.
पूरे प्रखंड क्षेत्र में सोमवती अमावस्या को लेकर भक्ति और आस्था का माहौल बना रहा. मंदिरों और देवस्थानों में श्रद्धालुओं की भीड़ लगी रही तथा महिलाओं ने परिवार की खुशहाली और अखंड सौभाग्य की मंगलकामना की.
