hajipur news. ड्रॉपआउट रोकने व बाल विवाह खत्म करने के लिए चार प्रखंडों में हो रहा शिक्षा चौपाल

शिक्षा चौपाल के समापन के बाद चिह्नित की गयी समस्याओं के समाधान के लिए महिला कार्यकर्ता फिर से फील्ड में जाकर प्रयास करेंगी

हाजीपुर. बालिका शिक्षा को बढ़ावा देने, सरकारी स्कूलों में ड्रॉपआउट रोकने एवं बाल विवाह खत्म करने के उद्देश्य से शिक्षा चौपाल-4 अभियान 16 से 26 सितंबर तक जिले के गोरौल, चेहराकला, भगवानपुर एवं वैशाली प्रखंड के 100 से अधिक गांवों में लगाया जा रहा है. ज्योति महिला समाख्या फेडेरेशन के इस कैंपेन को सफल बनाने में फेडेरेशन की 18 से अधिक महिला कार्यकर्ता गांव-गांव जा रही हैं. शिक्षा चौपाल में महिलाओं, पुरुषों एवं किशोरियों के बीच बालिका शिक्षा की राह में आनेवाली चुनौतियों, समस्याओं एवं उनके स्थानीय स्तर पर समाधान को लेकर चर्चा की जाती है. इसके साथ ही, स्थानीय लीडर की सफल कहानियों की चर्चा कर उन्हें शिक्षा के प्रति प्रेरित किया जाता है. शिक्षा चौपाल के समापन के बाद चिह्नित की गयी समस्याओं के समाधान के लिए महिला कार्यकर्ता फिर से फील्ड में जाकर प्रयास करेंगी.

पिछले साल आठ जिलों में हुआ था कार्यक्रम

अभियान से जुड़े संतोष सारंग ने बताया कि शिक्षाग्रह का यह आंदोलन बिहार के 8 जिलों में पिछले साल अक्टूबर में शुरू हुआ था, जो इस बार 11 जिलों में हो रहा है. इस मुहिम का यह चौथा चरण है. इसके पहले तीन-तीन महीने पर 10 दिवसीय अभियान के तीन चरण संपन्न हो चुके हैं. अब तक इन अभियानों के तहत सैकड़ों ड्राॅपआउट लड़कियों का नामांकन कराया गया, उनके जन्मप्रमाण पत्र व आधार कार्ड बनवाए गए. इस अभियान में सचिव सीता देवी के नेतृत्व में कविता कुमारी, प्रमिला देवी, इंजिला कुमारी, मंजू देवी, निर्मला देवी, चंदा कुमारी, ललीता सिन्हा, रंजीता देवी, सीमा देवी, नीलू देवी, किरण देवी, रिंकी देवी समेत 18 महिलाएं लगी हैं.

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By RATNESH KUMAR SHARMA

RATNESH KUMAR SHARMA is a contributor at Prabhat Khabar.

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