हाजीपुर में संयुक्त किसान मोर्चा का प्रतिरोध मार्च, भारत-अमेरिका कृषि व्यापार समझौते के विरोध में फूंका पुतला

संयुक्त किसान मोर्चा ने हाजीपुर में भारत-अमेरिका कृषि व्यापार समझौते के खिलाफ जोरदार प्रदर्शन किया. अक्षयवट राय स्टेडियम से निकले मार्च में नेताओं ने पुतला दहन कर सरकार से मांगें पूरी करने को कहा.

Hajipur News: भारत-अमेरिका कृषि व्यापार समझौते के विरोध में संयुक्त किसान मोर्चा के आह्वान पर बुधवार को हाजीपुर में प्रतिरोध मार्च निकाला गया और पुतला दहन किया गया. संयुक्त किसान मोर्चा की जिला इकाई के बैनर तले विभिन्न किसान और मजदूर संगठनों के कार्यकर्ताओं ने अपनी मांगों को लेकर प्रदर्शन किया.

अक्षयवट राय स्टेडियम से निकला प्रतिरोध मार्च

कार्यकर्ताओं ने शहर के अक्षयवट राय स्टेडियम से प्रतिरोध मार्च निकाला. मार्च विभिन्न मार्गों से होते हुए गांधी चौक पहुंचा, जहां अमेरिका के राष्ट्रपति और भारत के प्रधानमंत्री का पुतला दहन किया गया.

मार्च का नेतृत्व अखिल भारतीय किसान महासभा के जिला सचिव सुमन कुमार, जिलाध्यक्ष रामपारस भारती, रामनिवास प्रसाद यादव, किसान सभा के सह संयोजक राजू भाई, एसयूसीआई के ललित घोष, सीटू के राजेंद्र पटेल तथा खेत व ग्रामीण मजदूर यूनियन के दीनबंधु प्रसाद सहित अन्य नेताओं ने किया.

कई मांगों को लेकर जताया विरोध

प्रदर्शनकारियों ने अमेरिका के साथ प्रस्तावित कृषि व्यापार समझौते को रद्द करने, 12 सेटेलाइट टाउनशिप एवं टोपोलैंड के नाम पर भूमि अधिग्रहण की योजनाओं को बंद करने, पटना-पूर्णिया ग्रीन फील्ड एक्सप्रेसवे निर्माण योजना वापस लेने तथा जल-जमाव या अन्य कारणों से रिवीजनल सर्वे से वंचित भूमि का क्लस्टर सर्वे के आधार पर निपटारा करने की मांग की.

इसके अलावा दिल्ली के जंतर-मंतर पर छात्र-युवाओं के आंदोलन पर पुलिस कार्रवाई रोकने की भी मांग उठाई गई.

किसानों के हितों के खिलाफ बताया समझौता

सभा को संबोधित करते हुए नेताओं ने कहा कि देश की खेती-किसानी पहले से ही घाटे में है और अमेरिका के साथ कृषि व्यापार समझौता किसानों के हित में नहीं है.

उन्होंने आरोप लगाया कि केंद्र सरकार इस समझौते को किसान हितैषी बताने की कोशिश कर रही है, जबकि इससे किसानों को नुकसान होगा. नेताओं ने कहा कि बिहार जैसे कृषि प्रधान राज्य में सेटेलाइट टाउनशिप और टोपोलैंड जैसी योजनाओं के जरिए कृषि भूमि का अधिग्रहण खाद्य सुरक्षा के लिए खतरा बन सकता है.

छात्र आंदोलनों पर कार्रवाई का भी विरोध

वक्ताओं ने दिल्ली के जंतर-मंतर पर नीट पेपर लीक के विरोध में आंदोलन कर रहे छात्र-युवाओं पर पुलिस कार्रवाई की भी आलोचना की. उन्होंने कहा कि शांतिपूर्ण प्रदर्शन करने वाले छात्रों पर कार्रवाई लोकतांत्रिक अधिकारों पर हमला है.

कई संगठनों के प्रतिनिधि रहे मौजूद

सभा में गोपाल पासवान, सुरेंद्र प्रसाद सिंह, रामबाबू भगत, महताब राय, रामचंद्र सहनी, मो. अकबर, मजिंद्र साह, संगीता देवी, पवन सिंह, रामबहादुर सिंह, भिखारी प्रसाद सिंह, रामनाथ सिंह, रामजतन राय, इंद्रदेव राय, शीला देवी, सुरेंद्र कुमार, रवींद्र सिंह और राजेंद्र शर्मा सहित कई लोगों ने अपने विचार रखे.


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Author: Devendra gupt

Published by: Nikhil Anurag

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