चुनाव के मेरुदंड हैं मतदान पदाधिकारी : डीएम

आगामी बिहार विधानसभा चुनाव 2025 को स्वतंत्र, निष्पक्ष एवं शांतिपूर्ण वातावरण में संपन्न कराने के लिए छह विद्यालय व महाविद्यालयों में मतदान पदाधिकारी कर्मियों का आठ दिवसीय प्रशिक्षण प्रारंभ हो गया है. यह प्रशिक्षण छह से 13 अक्टूबर तक चलेगा. इस अवसर पर सभी पीठासीन पदाधिकारी, प्रथम मतदान पदाधिकारी, मतदान पदाधिकारी, तृतीय मतदान पदाधिकारी व माइक्रो आब्जर्वर सहित कुल 2019 पदाधिकारी एवं कर्मियों को प्रशिक्षण दिया जाना है. इन्हें 77 मास्टर ट्रेनर प्रशिक्षण दे रहे हैँ. कार्यक्रम का शुभारंभ डीएम वर्षा सिंह ने दीप प्रज्वलित कर किया.

हाजीपुर. आगामी बिहार विधानसभा चुनाव 2025 को स्वतंत्र, निष्पक्ष एवं शांतिपूर्ण वातावरण में संपन्न कराने के लिए छह विद्यालय व महाविद्यालयों में मतदान पदाधिकारी कर्मियों का आठ दिवसीय प्रशिक्षण प्रारंभ हो गया है. यह प्रशिक्षण छह से 13 अक्टूबर तक चलेगा. इस अवसर पर सभी पीठासीन पदाधिकारी, प्रथम मतदान पदाधिकारी, मतदान पदाधिकारी, तृतीय मतदान पदाधिकारी व माइक्रो आब्जर्वर सहित कुल 2019 पदाधिकारी एवं कर्मियों को प्रशिक्षण दिया जाना है. इन्हें 77 मास्टर ट्रेनर प्रशिक्षण दे रहे हैँ. कार्यक्रम का शुभारंभ डीएम वर्षा सिंह ने दीप प्रज्वलित कर किया. जिला पदाधिकारी ने प्रशिक्षुओं को संबोधित करते हुए कहा कि निर्वाचन कार्य अत्यंत संवेदनशील एवं दायित्वपूर्ण कार्य है. चुनाव प्रक्रिया की सफलता का आधार क्षेत्रीय स्तर पर कार्यरत पीठासीन पदाधिकारी और सभी सहयोगी पदाधिकारी ही होते हैं. इन्होंने कहा कि चुनाव की संपूर्ण प्रक्रिया के शांतिपूर्ण संचालन में पीठासीन पदाधिकारी, द्वितीय मतदान पदाधिकारी, तृतीय मतदान पदाधिकारी, माइक्रो आब्जर्वर की भूमिका मेरुदंड के समान है. यदि वे अपनी जिम्मेदारी ईमानदारी व सजगता से निभाएं, तो चुनाव प्रक्रिया स्वतः ही सफल होगी. इन्होंने पीठासीन पदाधिकारी, प्रथम मतदान पदाधिकारी, द्वितीय मतदान पदाधिकारी, तृतीय मतदान पदाधिकारियों व माइक्रो आब्जर्वर को यह भी निर्देश दिया कि वे चुनावी तैयारियों के हर पहलू पर सूक्ष्म दृष्टि रखें और समस्याओं का त्वरित समाधान सुनिश्चित करें. प्रशिक्षण में दिये गये मुख्य निर्देश सभी प्रशिक्षणार्थियों को अपने-अपने मतदान केंद्र का स्थल निरीक्षण कर पहुंच मार्ग, मतदान केंद्रों के आस- पास वैकल्पिक मार्ग चिन्हित कर रखेंगे. सुनिश्चित करेंगे कि किसी आपात स्थिति में मतदान दलों और मतदाताओं को असुविधा न हो. प्रशिक्षण सत्र में जिला निर्वाचन पदाधिकारी-सह-जिलाधिकारी ने मतदान पदाधिकारी व कर्मियों को उनके व्यावहारिक दायित्वों और तकनीकी पहलुओं की भी जानकारी दी. इन्होंने मतदान दिवस की कार्यप्रणाली, इवीएम एवं वीवीपैट के प्रबंधन, मतदान केंद्रों पर उपलब्ध आवश्यक न्यूनतम सुविधाओं की जांच, तथा पीडब्ल्यूडी मतदाताओं के लिए विशेष व्यवस्था पर विस्तार से प्रशिक्षण दिया. इन्होंने यह भी कहा कि सभी अपने क्षेत्र के नोटिफाइड मतदान केंद्रों की जानकारी रखें, मतदान दलों के साथ नियमित संवाद बनाए रखें और किसी भी समस्या की सूचना तुरंत संबंधित वरीय पदाधिकारी को दें. दिव्यांग मतदाताओं को आयोग द्वारा प्रदत्त सुविधाओं की जानकारी और उन्हें मतदान के प्रोत्साहित करें. डीएम ने उपस्थित प्रशिक्षकों को चुनाव आयोग द्वारा जारी किए गए सभी आवश्यक दिशा निर्देशों से अवगत कराते हुए आवश्यक निर्देश दिए. प्रशिक्षण कार्यक्रम के दौरान प्रभारी उप-निर्वाचन पदाधिकारी, जिला कार्यक्रम पदाधिकारी आईसीडीएस, जिला शिक्षा पदाधिकारी, विशेष कार्य पदाधिकारी, जिला पंचायती राज पदाधिकारी, जिला कार्यक्रम पदाधिकारी, जिला सूचना एवं जनसंपर्क पदाधिकारी सहित कई शिक्षक उपस्थित थे.

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Author: DEEPAK MISHRA

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