Hajipur News : तिसीऔता क्षेत्र में सूखे नशे के बढ़ते कारोबार को लेकर रविवार को ग्रामीणों, जनप्रतिनिधियों और सामाजिक कार्यकर्ताओं की पंचायत आयोजित की गई. बैठक में नशे के कारोबार के खिलाफ सामाजिक स्तर पर अभियान चलाने और युवाओं को इसकी गिरफ्त से बचाने का संकल्प लिया गया. इस दौरान कई ग्रामीणों ने पुलिस प्रशासन की कार्यशैली पर भी सवाल उठाए.
बैठक में मौजूद लोगों ने कहा कि सूखे नशे का कारोबार समाज के लिए गंभीर चुनौती बनता जा रहा है. खासकर स्कूल और कॉलेज के छात्र इसकी चपेट में आ रहे हैं, जिससे परिवार और समाज दोनों प्रभावित हो रहे हैं.
ग्रामीण इलाकों में तेजी से फैल रहा है नशे का कारोबार
पंचायत में ग्रामीणों ने बताया कि पिछले दो वर्षों में ग्रामीण क्षेत्रों में स्मैक, गांजा, चरस समेत अन्य मादक पदार्थों का अवैध कारोबार तेजी से बढ़ा है. उनका कहना था कि थोड़े से आर्थिक लाभ के लिए कुछ लोग युवाओं का भविष्य बर्बाद कर रहे हैं.
ग्रामीणों के अनुसार, रात के समय नशे के आदी युवक गांवों में घूमकर मादक पदार्थों की तलाश करते हैं. इससे लोगों में असुरक्षा की भावना बढ़ रही है और चोरी जैसी घटनाओं में भी इजाफा हो रहा है.
पुलिस पर लगाए कार्रवाई नहीं करने का आरोप
पंचायत के दौरान कई ग्रामीणों ने आरोप लगाया कि तिसीऔता थाना क्षेत्र के कई गांवों में देसी शराब और सूखे नशे की खुलेआम बिक्री होती है. इसके बावजूद सूचना देने पर भी पुलिस प्रभावी कार्रवाई नहीं करती.
कुछ ग्रामीणों ने यह भी आरोप लगाया कि पूर्व में सूचना देने पर कार्रवाई करने के बजाय पुलिस ने मादक पदार्थ बरामद कराने की बात कही. आरोप है कि कार्रवाई का आग्रह करने पर सूचना देने वालों के साथ अभद्र व्यवहार किया गया और झूठे मुकदमे में फंसाने की धमकी भी दी गई.
जागरूकता अभियान चलाने का लिया निर्णय
सामाजिक कार्यकर्ता देव कुमार सहनी, राम सकल पासवान, रमेश्वर सहनी सहित अन्य लोगों ने कहा कि अब ग्रामीण स्वयं नशा विरोधी अभियान चलाएंगे. इसके तहत गांव-गांव जाकर लोगों को जागरूक किया जाएगा तथा नशे के कारोबार से जुड़े युवकों के अभिभावकों से भी बातचीत की जाएगी.
उन्होंने बताया कि इस संबंध में वरीय पुलिस अधिकारियों से मिलकर कार्रवाई की मांग की जाएगी, ताकि ग्रामीण क्षेत्रों में फैल रहे नशे के कारोबार पर प्रभावी रोक लगाई जा सके.
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