Hajipur News : पातेपुर सीएचसी में प्रभारी चिकित्सा पदाधिकारी के पदस्थापन को लेकर विवाद खड़ा हो गया है. स्थानीय जिला परिषद सदस्यों ने सिविल सर्जन को लिखित आवेदन देकर वर्तमान प्रभारी चिकित्सा पदाधिकारी डॉ सुरेंद्र पासवान को बदलने और सरकार के गाइडलाइन के अनुसार वरीयता सूची में पहले स्थान पर रहने वाले डॉ जितेंद्र कुमार को प्रभारी बनाने की मांग की है. जनप्रतिनिधियों का आरोप है कि विभागीय गाइडलाइन के अनुरूप वरीयता का पालन नहीं किया गया है.
वरीयता सूची में तीसरे स्थान पर हैं डॉ सुरेंद्र पासवान
जिला परिषद सदस्यों की ओर से दी गयी शिकायत के अनुसार पातेपुर सीएचसी में पदस्थापित चिकित्सकों की वरीयता सूची में डॉ जितेंद्र कुमार का वरीयता क्रमांक 778 है और वे पहले स्थान पर हैं. दूसरे स्थान पर डॉ अवनी कुमार हैं, जिनका वरीयता क्रमांक 1602 बताया गया है. वहीं वर्तमान प्रभारी चिकित्सा पदाधिकारी डॉ सुरेंद्र पासवान का वरीयता क्रमांक 2174 है और वे सूची में तीसरे स्थान पर हैं.
वरीय चिकित्सक को प्रभारी बनाने की उठी मांग
जिला परिषद सदस्यों का कहना है कि सीएचसी में प्रभारी चिकित्सा पदाधिकारी के पद पर वरीय चिकित्सक को प्राथमिकता दी जानी चाहिए. इसी आधार पर उन्होंने वर्तमान प्रभारी को बदलकर वरीयता सूची में पहले स्थान पर मौजूद डॉ जितेंद्र कुमार को जिम्मेदारी देने की मांग की है.
सरकार के गाइडलाइन में वरीय चिकित्सा पदाधिकारी को प्राथमिकता
शिकायत में सरकार के पत्रांक 582(3), दिनांक 26 सितंबर 2025 का हवाला दिया गया है. इसके अनुसार वरीय चिकित्सा पदाधिकारी को ही प्रभारी सह निकासी एवं व्ययन पदाधिकारी घोषित किया जाना चाहिए. किसी चिकित्सा पदाधिकारी को प्रभारी बनाने से पहले विभाग को प्रस्ताव भेजने और अनुमोदन के बाद ही पदस्थापित करने का प्रावधान बताया गया है.
कनीय को प्रभारी बनाने पर विभागीय कार्रवाई का प्रावधान
शिकायतकर्ताओं के अनुसार सरकारी आदेश में यह भी उल्लेख है कि यदि किसी कनीय चिकित्सा पदाधिकारी को प्रभारी बनाया जाता है, तो उसके संबंध में आरोप गठित कर विभागीय कार्रवाई की जा सकती है. जिला परिषद सदस्यों ने इसी प्रावधान का हवाला देते हुए डॉ सुरेंद्र पासवान के पदस्थापन पर सवाल उठाया है और मामले की जांच कर नियमानुसार कार्रवाई की मांग की है.
डीएम से लेकर अपर मुख्य सचिव तक को भेजी शिकायत
प्रभारी चिकित्सा पदाधिकारी के परिवर्तन की मांग को लेकर पातेपुर की जिला परिषद सदस्य शबनम, रीना कुमारी, खुशबू कुमारी और राम सागर सहनी ने सिविल सर्जन के साथ जिला पदाधिकारी वैशाली, क्षेत्रीय अपर निदेशक स्वास्थ्य सेवाएं, तिरहुत प्रमंडल, मुजफ्फरपुर तथा बिहार सरकार के अपर मुख्य सचिव को भी पत्र भेजा है.
क्या कहते हैं अधिकारी
डीपीएम मनोज कुमार ने बताया कि सरकार के गाइडलाइन के अनुसार किसी भी सीएचसी या पीएचसी में प्रभारी के पद पर वरीय चिकित्सा पदाधिकारी को ही पदस्थापित किया जाना है. उन्होंने कहा कि पातेपुर सीएचसी का मामला उनके संज्ञान में नहीं है. सिविल सर्जन कार्यालय से जानकारी लेने के बाद ही इस संबंध में कुछ स्पष्ट बताया जा सकता है.
