Hajipur Candlelight March : हाजीपुर में विभाजन विभीषिका स्मृति दिवस के अवसर पर शुक्रवार को जिले में विभिन्न कार्यक्रम आयोजित कर भारत विभाजन की त्रासदी में जान गंवाने वाले लोगों और विस्थापन की पीड़ा झेलने वाले परिवारों को भावपूर्ण श्रद्धांजलि दी गई. इस दौरान लोगों ने देश की एकता, अखंडता, शांति, भाईचारे और सामाजिक सद्भाव को मजबूत करने का संकल्प लिया.
संगोष्ठी में विभाजन की त्रासदी पर हुई चर्चा
पुष्करणी सभा कक्ष में आयोजित संगोष्ठी में वक्ताओं ने भारत विभाजन की ऐतिहासिक त्रासदी, विस्थापन, परिवारों के बिछड़ने और उस दौर की मानवीय पीड़ा पर विचार रखे. कार्यक्रम में फिल्म के माध्यम से भी विभाजन की त्रासदी को प्रदर्शित किया गया.
डीएम वर्षा सिंह ने कहा कि विभाजन विभीषिका स्मृति दिवस केवल अतीत की पीड़ा को याद करने का अवसर नहीं है, बल्कि वर्तमान और भावी पीढ़ी को एकता, शांति, सद्भाव और मानवीय संवेदनाओं का महत्व समझाने का अवसर भी है. विभाजन की त्रासदी हमें आपसी विश्वास, भाईचारे और सामाजिक समरसता को मजबूत बनाए रखने की सीख देती है.
कैंडल मार्च में शामिल हुए छात्र और आम नागरिक
संध्या में समाहरणालय गेट से डीएम वर्षा सिंह के नेतृत्व में कैंडल मार्च निकाला गया. मार्च गांधी चौक होते हुए डॉ. भीमराव आंबेडकर स्मारक पहुंचा. इसमें छात्राओं, जीविका दीदियों, भूतपूर्व सैनिकों, पदाधिकारियों-कर्मियों और बड़ी संख्या में आम नागरिकों ने भाग लिया.
दो मिनट का मौन रखकर दी श्रद्धांजलि
आंबेडकर स्मारक स्थल पर दो मिनट का मौन रखकर विभाजन पीड़ितों और स्वतंत्रता सेनानियों को श्रद्धांजलि दी गई. डीएम ने कहा कि भारत की शक्ति विविधता में एकता में निहित है. राष्ट्र की एकता और अखंडता को बनाए रखना ही विभाजन की त्रासदी झेलने वाले लोगों के प्रति सच्ची श्रद्धांजलि है.
