hajipur news. मिलरों के नहीं उठाने से खराब हो रहे धान, पैक्स अध्यक्षों को नुकसान की चिंता

जिले के मिलरों को एफआर नहीं मिलने से किसानों से धान खरीदने वाले पैक्स अध्यक्षों की परेशानी लगातार बढ़ती जा रही है

महनार. जिले के मिलरों को एफआर नहीं मिलने से किसानों से धान खरीदने वाले पैक्स अध्यक्षों की परेशानी लगातार बढ़ती जा रही है. महनार के सभी पैक्स अध्यक्षों ने सरकार के निर्देश पर किसानों से हजारों क्विंटल धान खरीदकर अपने गोदामों में स्टॉक कर रखा है. पैक्स अध्यक्षों की समस्या यह है कि गोदाम में रखा धान अब चूहे खाने लगे हैं, जिससे धान खराब होने का खतरा बढ़ गया है.

पैक्स अध्यक्षों ने बताया कि उन्होंने बैंकों के सीसी (कैश क्रेडिट) से पैसा निकालकर किसानों को धान खरीद की राशि का भुगतान किया है. लेकिन, चावल मिलों द्वारा पैक्स से धान उठाने में देरी होने के कारण अब तक पैक्स को राशि नहीं मिली है. इस वजह से बैंक के सीसी का ब्याज लगातार बढ़ रहा है, जिससे पैक्स अध्यक्षों को नुकसान की आशंका है.

करनौती पैक्स में बड़ी खरीद

बताया गया कि महनार में कई पैक्स ऐसे हैं जिन्होंने तीन से चार लॉट तक धान खरीदा है. करनौती पैक्स में सबसे अधिक साढ़े पांच लॉट धान खरीदे गये हैं. एक लॉट में 422 क्विंटल धान होता है. कई पैक्स ने कम मात्रा में धान खरीदा है, इसलिए उनकी चिंता कम है, लेकिन जिन पैक्स ने ज्यादा मात्रा में धान खरीदा है, उनकी परेशानी अधिक है.

पैक्स अध्यक्षों का कहना है कि सरकार के दबाव में धान की खरीद तो कर ली गयी, लेकिन चावल मिलों पर उठाव के लिए कोई ठोस दबाव नहीं बनाया गया. इसी कारण उन्हें बिना वजह परेशानी उठानी पड़ रही है. पैक्स अध्यक्षों ने चेतावनी दी कि गोदाम में हुई धान की क्षति या खराब होने की भरपाई उन्हें ही करनी होगी. उन्होंने प्रशासन और सरकार से मांग की है कि जल्द से जल्द उनके गोदामों से धान का उठाव कराया जाए, ताकि नुकसान से बचा जा सके और आर्थिक राहत मिल सके.

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By Shashi Kant Kumar

Shashi Kant Kumar is a contributor at Prabhat Khabar.

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