NIPER Hajipur: फार्मास्यूटिकल अनुसंधान, स्वास्थ्य प्रौद्योगिकी और नवाचार के क्षेत्र में बिहार को नई दिशा देने की पहल शुरू हुई है. राष्ट्रीय औषधीय शिक्षा एवं अनुसंधान संस्थान (NIPER), हाजीपुर ने भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान पटना (IIT पटना) और आईआईटी पटना स्थित बायोनेस्ट इनक्यूबेशन सेंटर के साथ दो महत्वपूर्ण समझौता ज्ञापनों (MoU) पर हस्ताक्षर किए हैं. इन समझौतों से फार्मास्यूटिकल विज्ञान और उभरती तकनीकों के बीच अंतर्विषयक सहयोग को बढ़ावा मिलने की उम्मीद है.
AI और डिजिटल हेल्थ समेत कई क्षेत्रों में होगा काम
IIT पटना के साथ हुए समझौते के तहत कृत्रिम बुद्धिमत्ता (AI) एवं डिजिटल हेल्थ, औषधि खोज एवं विकास, उन्नत औषधि वितरण प्रणाली, चिकित्सा उपकरण, स्वास्थ्य सेवा विश्लेषण, कम्प्यूटेशनल फार्मास्यूटिकल विज्ञान, औषधि सतर्कता, चिकित्सा उपकरण सतर्कता, स्वास्थ्य प्रौद्योगिकी मूल्यांकन और प्रिसीजन मेडिसिन जैसे क्षेत्रों में संयुक्त रूप से काम किया जाएगा.
दोनों संस्थानों के विशेषज्ञ संयुक्त अनुसंधान परियोजनाओं और बाह्य वित्तपोषित शोध परियोजनाओं पर काम करेंगे. इसके अलावा संकाय सदस्यों और विद्यार्थियों के बीच अकादमिक एवं शोध सहयोग बढ़ाने, विशेषज्ञता और अत्याधुनिक सुविधाओं के साझा उपयोग तथा प्रशिक्षण और क्षमता निर्माण पर भी जोर दिया जाएगा.
रिसर्च को स्टार्टअप और कारोबार से जोड़ने की तैयारी
बायोनेस्ट इनक्यूबेशन सेंटर के साथ हुआ समझौता शोध को नवाचार और उद्यमिता से जोड़ने की दिशा में महत्वपूर्ण माना जा रहा है. इसके तहत संभावनाशील शोध और तकनीकों को शुरुआती विचार एवं सत्यापन के स्तर से आगे बढ़ाकर प्रोटोटाइप विकास, इनक्यूबेशन, प्रौद्योगिकी हस्तांतरण और व्यावसायीकरण तक पहुंचाने में सहयोग किया जाएगा.
इससे शोधकर्ताओं को अपने नए विचारों और तकनीकों को व्यावहारिक उत्पाद या सेवा में बदलने के लिए बेहतर मंच मिलने की उम्मीद है.
बिहार में तैयार होगा शोध और नवाचार का नया आधार
NIPER हाजीपुर की निदेशक प्रो. रुक्मणी के. ने कहा कि ये समझौते बिहार में स्थित राष्ट्रीय महत्व के संस्थानों के बीच दीर्घकालिक और परिणाम आधारित साझेदारी के लिए मजबूत आधार तैयार करेंगे. उन्होंने कहा कि फार्मास्यूटिकल विज्ञान को AI, डिजिटल हेल्थ और अन्य उभरती तकनीकों से जोड़कर शोध एवं नवाचार के नए अवसर विकसित किए जा सकते हैं.
NIPER और IIT पटना की विशेषज्ञता का होगा मेल
NIPER हाजीपुर को फार्मास्यूटिकल विज्ञान, औषधि विकास, रोगी सुरक्षा, नियामक विज्ञान, स्वास्थ्य प्रौद्योगिकी मूल्यांकन और ट्रांसलेशनल रिसर्च के क्षेत्र में विशेषज्ञता हासिल है.
वहीं, IIT पटना इंजीनियरिंग, कृत्रिम बुद्धिमत्ता, कम्प्यूटेशनल विज्ञान, डेटा विज्ञान और उभरती तकनीकों में अपनी विशेषज्ञता के जरिए इस साझेदारी को तकनीकी मजबूती देगा.
इन दोनों संस्थानों की विशेषज्ञता के मेल से दवा अनुसंधान से लेकर डिजिटल हेल्थ, मेडिकल टेक्नोलॉजी और नई स्वास्थ्य तकनीकों के विकास तक व्यापक स्तर पर काम होने की संभावना है. साथ ही शोध को प्रयोगशाला से बाजार तक पहुंचाने की प्रक्रिया को भी गति मिल सकती है.
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