Mahua SDPO Action: वैशाली जिले के महुआ अनुमंडल पुलिस पदाधिकारी (SDPO) संजीव कुमार के खिलाफ कार्य में लापरवाही और लंबित मामलों के निष्पादन में उदासीनता को लेकर तिरहुत रेंज के डीआईजी ने विभागीय कार्रवाई की अनुशंसा की है. डीआईजी कार्यालय से मंगलवार को प्रेस विज्ञप्ति जारी होने के बाद पुलिस महकमे में हलचल मच गई.
लंबित मामलों के निष्पादन में मिली गंभीर लापरवाही
डीआईजी कार्यालय के अनुसार समीक्षा में पाया गया कि महुआ एसडीपीओ लंबित कांडों के पर्यवेक्षण और अनुसंधान में लगातार लापरवाही बरत रहे थे. वरीय अधिकारियों के बार-बार निर्देश के बावजूद मामलों के निष्पादन में अपेक्षित रुचि नहीं दिखाई गई.
समीक्षा में यह भी सामने आया कि बीते सात महीनों में उन्होंने केवल 17 कांडों का निष्पादन किया, जिसे संतोषजनक नहीं माना गया.
अवैध शराब कारोबार रोकने में भी प्रभावी कार्रवाई नहीं
प्रेस विज्ञप्ति के अनुसार महुआ अनुमंडल क्षेत्र में अवैध शराब कारोबार की सूचनाएं मिलने के बावजूद प्रभावी कार्रवाई नहीं की गई. इसे राज्य सरकार की मद्यनिषेध नीति के प्रभावी क्रियान्वयन में कमी माना गया है.
इसके अलावा बीते छह महीनों में एक भी विभागीय कार्यवाही पूरी नहीं करने, कार्यालय अभिलेखों के समुचित संधारण में कमी और महत्वपूर्ण सरकारी फाइलों के समय पर निष्पादन नहीं होने की बात भी समीक्षा में सामने आई.
13 बिंदुओं पर मांगा गया था स्पष्टीकरण
डीआईजी ने बताया कि समीक्षा में गंभीर अनियमितताएं मिलने के बाद एसडीपीओ संजीव कुमार से 13 बिंदुओं पर स्पष्टीकरण मांगा गया था. उनका जवाब और वैशाली एसपी की टिप्पणी सहित विस्तृत प्रतिवेदन डीआईजी कार्यालय को भेजा गया.
रिपोर्ट के अनुसार वित्तीय वर्ष 2025-26 में उन्होंने केवल तीन प्रतिष्ठानों का निरीक्षण किया. वहीं जुलाई 2025 से जनवरी 2026 तक एक भी विभागीय जांच का निष्पादन नहीं किया गया. पदभार ग्रहण करने के समय सौंपे गए पांच अनुसंधान मामलों में एक भी केस डायरी प्रस्तुत नहीं की गई.
बिहार पुलिस मुख्यालय को भेजी गई रिपोर्ट
डीआईजी चंदन कुशवाहा ने वैशाली एसपी की रिपोर्ट और उपलब्ध तथ्यों की समीक्षा के बाद महुआ एसडीपीओ की कार्यप्रणाली को असंतोषजनक माना. इसके बाद उनके विरुद्ध विभागीय कार्रवाई शुरू करने की अनुशंसा करते हुए रिपोर्ट बिहार पुलिस मुख्यालय भेज दी गई है.
