hajipur news. व्यक्तिगत उत्थान के साथ ही देश के प्रगति में सहायक हों छात्र-छात्राएं : प्राचार्य

मीडिया प्रभारी डाॅ प्रदीप कुमार श्रीवास्तव ने बताया कि प्राचार्य के कार्यालयादेश के अनुसार 50 फैकल्टीज को सम्मिलित करते हुए विभिन्न कार्यक्रमों को नौ दिवसीय इंडक्शन प्रोग्राम में जगह दिया गया है

बिदुपर. चकसिकंदर स्थित राजकीय अभियंत्रण महाविद्यालय में बीटेक प्रथम वर्ष के नवनामांकित छात्र-छात्राओं के सत्रारंभ पर 19 सितंबर से 27 सितंबर तक नौ दिवसीय इंडक्शन प्रोग्राम आयोजित किया जा रहा है. अखिल भारतीय तकनीकी शिक्षा परिषद नयी दिल्ली के दिशा-निर्देश में विज्ञान, प्रौद्योगिकी एवं तकनीकी शिक्षा विभाग, बिहार सरकार के आदेश पर यह कार्यक्रम आयोजित किया जा रहा है. कार्यक्रम का आरंभ दीप-प्रज्वलित कर किया गया.

इंडक्शन प्रोग्राम के बारे में बताते हुए महाविद्यालय के प्राचार्य अनंत कुमार ने कहा कि तकनीकी शिक्षा का स्तर इंटरमीडिएट एवं परंपरागत पाठ्यक्रम से भिन्न होता है. बीटेक के पाठ्यक्रम का आरंभ करने वाले छात्र-छात्राओं को शैक्षणिक, व्यावहारिक एवं भावनात्मक बदलाव से गुजरना होता है. सत्र के आरंभ में ही कार्यक्रम के माध्यम से इस प्रकार प्रशिक्षित किया जाता है कि वह महाविद्यालय से इंजीनियर बनकर अथवा स्टार्टअप के माध्यम से नौकरी देने वाला बनकर अपने व्यक्तिगत उत्थान के साथ ही समाज और देश के प्रगति में सहायक हो. सत्र के प्रथम चरण में सेशन को आर्डिनेटर प्रो गरिमा यादव, प्रो रजनी कुमारी तथा प्रो पंकज कुमार के द्वारा सीनियर तथा जूनियर छात्र-छात्राओं को आपस में बातचीत कर एक दूसरे को समझने का अवसर प्रदान किया गया. जिससे जूनियर-सीनियर छात्र-छात्राओं में आपसी सामंजस्य स्थापित हो और प्रत्येक एक दूसरे से लाभान्वित हो सके.

छात्र-छात्राओं व शिक्षकों ने साझा किया अनुभव

कार्यक्रम के दौरान परिचय, प्रतियोगिता, अनुभव सहित अन्य भिन्न प्रकार के गतिविधियों को शामिल किया गया. प्रो निवेदिता सिंह के द्वार प्रो अजीत कुमार, प्रो कुमार अभिनव तथा डा तृप्ता के द्वारा भारतीय तकनीकी शिक्षा समिति एवं इंस्टीट्यूशंस आफ इंजीनियरिंग एंड टेक्नोलाजी विषयों पर अपना विचार प्रकट कर छात्र-छात्राओं को सदस्यता लेने हेतु प्रेरित किया गया. जिससे वह राष्ट्रीय स्तर पर अपनी पहचान दर्ज कर सकें. मौके पर उपस्थित महाविद्यालय के मीडिया प्रभारी डाॅ प्रदीप कुमार श्रीवास्तव ने बताया कि प्राचार्य के कार्यालय आदेश के अनुसार लगभग 50 फैकल्टीज को सम्मिलित करते हुए विभिन्न कार्यक्रमों को नौ दिवसीय इंडक्शन प्रोग्राम में जगह दिया गया है. इसका मुख्य उद्देश्य विभिन्न पृष्ठभूमि से आए हुए छात्र-छात्राओं को राष्ट्रीय तथा अंतरराष्ट्रीय शैक्षणिक गतिविधियों से रूबरू करा कर भावनात्मक, व्यावहारिक, अनुशासनात्मक एवं नवाचार से संबंधित मूल्यों को उत्पन्न कर सफल व्यक्तित्व का निर्माण करना है. छात्र-छात्राओं को इस योग्य बनाना है कि स्वयं, परिवार, समाज के साथ ही राज्य, देश तथा दुनिया में विकास को गति देने का कार्य कर सकें.

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By GOPAL KUMAR ROY

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