हाजीपुर. संविदा पर कार्यरत कर्मियों की सेवा नियमित करने समेत अन्य मांगों को लेकर स्वास्थ्य कर्मियों ने सोमवार को धरना-प्रदर्शन किया. बिहार चिकित्सा एवं जनस्वास्थ्य कर्मचारी संघ, जिला शाखा के बैनर तले प्रदर्शन करते हुए सिविल सर्जन को 20 सूत्री मांगों का ज्ञापन सौंपा गया. सदर अस्पताल परिसर में धरना स्थल पर सभा की अध्यक्षता करते हुए संघ के जिला मंत्री राकेश कुमार सिंह ने कहा कि राज्य में चिकित्सको, स्वास्थ्य कर्मियों एवं जनसंख्या के अनुपात में स्वास्थ्य उपकेंद्रों से लेकर मेडिकल कॉलेज अस्पतालों का घोर अभाव है. इसके बावजूद कर्मचारियों के लगातार प्रयास से संस्थागत प्रसव, टीकाकरण व जच्चा-बच्चा मृत्यु दर के क्षेत्र में उल्लेखनीय प्रगति हुई है. सरकारी अस्पतालों में इलाज कराने वाले मरीजों की संख्या में लगातार वृद्धि हुई है. इसके बावजूद इन कर्मियों को ससमय वेतन और मानदेय का भुगतान आवंटन के अभाव में नहीं हो पा रहा है. पेंशन के रूप में सामाजिक सुरक्षा की गारंटी नहीं मिल पा रही है. विभाग के तहत राज्य संवर्ग के कर्मियों को तदर्थ प्रोन्नति का वास्तविक लाभ नहीं मिल पाया है. अब भी अधिकांश संवर्गों की सेवा नियमावली गठित नहीं हो पायी है. विभागीय लापरवाही के कारण कर्मियों को देय एसीपी, एमएसीपी के लिए नियमानुकूल वर्ष में दो बार बैठकें नहीं हो रहीं.
सभा में कहा गया कि सरकार के राज्य संवर्ग कर्मियों को मिलने वाले उपार्जित अवकाश, मातृत्व अवकाश, शिशु देखभाल अवकाश तथा अन्य तरह की छुट्टियों की स्वीकृति निदेशालय स्तर पर महीनों तक लंबित रहती है. अपने बेटे-बेटियों की शादी के लिए कर्मियों के सामान्य भविष्य निधि से संचित राशि में से अग्रिम के आवेदन को अनावश्यक रूप से आपत्ति दर्ज कर लटका कर रखा जाता है. आशा हेल्थ वर्करों के साथ गत हड़ताल में सरकार से हुए समझौते का क्रियान्वयन अब तक नहीं हुआ. एनएचएम कर्मियों के कार्य बहिष्कार की अवधि को उपार्जित अवकाश स्वीकृत कर मानदेय भुगतान का आदेश जारी नहीं हो पाया है. समस्याओं का निराकरण नहीं होने से स्वास्थ्य कर्मियों में क्षोभ और नाराजगी व्याप्त है. सभा में संघ के सम्मानित अध्यक्ष वीरेंद्र कुमार, मानद सदस्य राजेंद्र पटेल, धनेश्वर राम, कमल किशोर यादव, धीरेंद्र कुमार, हरेराम यादव, राधा सिन्हा, रेणु कुमारी, मनोज कुमार, सुरेंद्र राय, रामप्रवेश भगत, शिवनाथ साह, नूतन कुमारी, मंजू कुमारी, कुमारी अनुप्रिया आदि ने विचार रखे.
संघ की ओर से अपर मुख्य सचिव के नाम दिये ज्ञापन में तकनीकी सेवा आयोग, बिहार द्वारा अविलंब विज्ञापन निकाल कर संविदा पर कार्यरत एएनएम, जीएनएम की नियुक्ति करने, स्वास्थ्य के अधिकार को संविधान के मौलिक अधिकार में शामिल कर आम जनों को मुफ्त सुविधा उपलब्ध कराने, एनएचएम के प्रबंधकीय कार्य में लगे कर्मियों का कैडर रूल प्रकाशित करते हुए नियमित बहाली करने, मांग के अनुरूप जिले में समय पर आवंटन उपलब्ध कराने, सरकार के सहयोग से एक समग्र स्वास्थ्य बीमा योजना लागू कर कर्मचारियों, पेंशनरों और संविदा कर्मियों को सभी अस्पतालों में कैशलेस इलाज की सुविधा उपलब्ध कराने, आशा, ममता, कुरियर के बकाये पारितोषिक एवं प्रोत्साहन राशि का अविलंब भुगतान करने समेत अन्य मांगें शामिल हैं.
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