Hajipur Complaint Box: वैशाली जिले की कानून-व्यवस्था को मजबूत बनाने और आम नागरिकों की गोपनीय शिकायतों को सीधे उच्चाधिकारियों तक पहुंचाने के उद्देश्य से शुरू की गई शिकायत पेटी व्यवस्था अब बदहाली का शिकार हो गई है. कभी पुलिस और जनता के बीच भरोसे का माध्यम मानी जाने वाली यह पहल अब कई थानों में केवल औपचारिकता बनकर रह गई है.
कोरोना काल में शुरू हुई थी पहल
वैशाली जिले में तत्कालीन पुलिस अधीक्षक गौरव मंगला के कार्यकाल में शिकायत पेटी व्यवस्था की शुरुआत की गई थी. इसका उद्देश्य ऐसे लोगों को सुरक्षित माध्यम उपलब्ध कराना था, जो अपनी पहचान गोपनीय रखते हुए पुलिस तक शिकायत पहुंचाना चाहते थे. शुरुआती दिनों में शिकायत पेटियों को नियमित रूप से खोला जाता था और प्राप्त शिकायतों पर कार्रवाई भी होती थी, लेकिन समय के साथ यह व्यवस्था सुस्त पड़ गई.
कई थानों से शिकायत पेटी गायब, कहीं ताले में जंग
वर्तमान में जिले के कई थानों में शिकायत पेटियां या तो गायब हैं या फिर जर्जर अवस्था में लटकी हुई हैं. जहां पेटियां मौजूद हैं, वहां भी कई महीनों से नहीं खोले जाने के कारण तालों में जंग लग चुका है. कुछ स्थानों पर पेटियां बिना ताले के ही लटकी हुई हैं, जिससे गोपनीय शिकायतों की सुरक्षा पर भी सवाल उठ रहे हैं.
गोपनीय शिकायत दर्ज कराने वालों को हो रही परेशानी
इस व्यवस्था के निष्क्रिय होने से उन लोगों को सबसे अधिक परेशानी हो रही है, जो किसी संवेदनशील मामले या अपराध की जानकारी गोपनीय तरीके से पुलिस तक पहुंचाना चाहते हैं. स्थानीय लोगों का कहना है कि शिकायत पेटी व्यवस्था निष्क्रिय होने से पुलिस और जनता के बीच संवाद का एक महत्वपूर्ण माध्यम कमजोर पड़ गया है.
एसपी ने 15 दिनों में व्यवस्था दुरुस्त करने का दिया आश्वासन
वैशाली के पुलिस अधीक्षक शुभांक मिश्रा ने बताया कि जिन थानों में शिकायत पेटी सक्रिय है, वहां सप्ताह में एक बार शिकायतें निकाली जाती हैं और उनकी जांच कर आवश्यक होने पर एफआईआर भी दर्ज की जाती है. उन्होंने कहा कि जिन स्थानों पर यह व्यवस्था निष्क्रिय है, वहां 15 दिनों के भीतर शिकायत पेटियों को फिर से चालू कर दिया जाएगा.
