Hajipur News: वैशाली में अपराजिता सम्मान समारोह में संघर्ष और सफलता की मिसाल बनी महिलायें

Hajipur News: अपने हौसले, मेहनत और प्रतिभा से समाज को नई दिशा दे रहीं हैं जिले की बेटियां और महिलाएं

Hajipur News:(कैफ अहमद) वैशाली जिले में आयोजित ‘अपराजिता सम्मान समारोह’ में उन महिलाओं और बेटियों को सम्मानित किया गया, जिन्होंने संघर्ष, मेहनत और आत्मविश्वास के बल पर समाज में अपनी अलग पहचान बनाई है. शिक्षा, खेल, साहित्य, चिकित्सा, सामाजिक सेवा और महिला सशक्तिकरण जैसे विभिन्न क्षेत्रों में उल्लेखनीय कार्य करने वाली महिलाओं को सम्मान देकर उनके योगदान को सराहा गया.

संघर्ष से सफलता तक का सफर

डॉ. निशा शुक्ला — दंत चिकित्सक

Nisha Shukla ने सामाजिक तानों और चुनौतियों के बावजूद अपनी मेहनत से जिले की बेहतरीन दंत चिकित्सकों में पहचान बनाई. बीडीएस में गोल्ड मेडल प्राप्त करने के बाद उन्होंने एमडीएम परीक्षा में सेकेंड टॉपर बनकर चिकित्सा क्षेत्र में नई पहचान कायम की.

श्रुति कुमारी — प्राचार्या, डायट हाजीपुर

Shruti Kumari वर्तमान में डायट हाजीपुर की प्राचार्या के रूप में कार्यरत हैं. समस्तीपुर के ग्रामीण परिवेश से निकलकर उन्होंने शिक्षा के क्षेत्र में अपनी मजबूत पहचान बनाई और आज महिलाओं व बेटियों के लिए प्रेरणास्रोत बनी हुई हैं.

रुपाली कुमारी — कराटे खिलाड़ी और जिला कराटे संघ की सचिव

Rupali Kumari ने अभावों के बीच कराटे में राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर तक सफलता हासिल की. अंतरराष्ट्रीय प्रतियोगिताओं में दो मेडल जीतने वाली रुपाली आज वैशाली कराटे संघ की अध्यक्ष और राष्ट्रीय स्तर की जज हैं.

डॉ. रेणु शर्मा “राध्या” — साहित्यकार

Renu Sharma ने पारिवारिक जिम्मेदारियों के बीच साहित्य साधना को जारी रखा और अपनी लेखनी से राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय मंचों पर वैशाली और बिहार का नाम रोशन किया.

प्रीतम — लर्निंग फैसिलिटेटर

Preetam ने बचपन में पिता को खोने के बाद संघर्षों के बीच पढ़ाई पूरी की और आज शिक्षा के क्षेत्र में कार्य करते हुए प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी कर रही हैं.

साक्षी कुमारी — बाल बैडमिंटन खिलाड़ी

Sakshi Kumari ने अपनी प्रतिभा के दम पर साउथ एशियन गेम्स और राष्ट्रीय प्रतियोगिताओं में शानदार प्रदर्शन कर बिहार और वैशाली का नाम रोशन किया.

अनीता कुमारी — गाइड लीडर, भारत स्काउट एंड गाइड

Anita Kumari ने राष्ट्रीय जंबूरी में उत्कृष्ट प्रदर्शन कर जिला और राज्य का गौरव बढ़ाया। स्काउटिंग और सामाजिक सेवा में उनके योगदान को भी सम्मानित किया गया.

डॉ. चंदा कुमारी राय — शिक्षाविद

चंदा कुमारी राय ने गांव के बच्चों को बेहतर शिक्षा देने के उद्देश्य से विद्यालय की शुरुआत की और कोविड जैसी चुनौतीपूर्ण परिस्थितियों में भी शिक्षा की अलख जगाए रखी.

सुरेखा देवी — जीविका दीदी

Surekha Devi ने जीविका समूह से जुड़कर जैविक खेती के माध्यम से आर्थिक तंगी को मात दी और आज क्षेत्र की महिलाओं के लिए प्रेरणा बन चुकी हैं। वे महिलाओं को आत्मनिर्भर बनने के लिए लगातार प्रेरित कर रही हैं.

समाज को नई दिशा दे रहीं महिलाएं

सम्मान समारोह में वक्ताओं ने कहा कि ये महिलाएं केवल अपने परिवार ही नहीं बल्कि पूरे समाज के लिए प्रेरणा हैं. अपने संघर्ष, परिश्रम और उपलब्धियों से उन्होंने यह साबित किया है कि यदि अवसर और समर्थन मिले तो महिलाएं हर क्षेत्र में नई ऊंचाइयों तक पहुंच सकती हैं। समारोह में मौजूद लोगों ने सभी सम्मानित महिलाओं के जज्बे और योगदान की सराहना की.

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लेखक के बारे में

Published by: Vivek Pandey

विवेक पाण्डेय टीवी चैनल के माध्यम से पिछले 7 सालों से पत्रकारिता में एक्टिव हूं . करियर की शुरुआत Network 10 National News Channel से की. अभी प्रभात खबर डिजिटल बिहार टीम में काम कर रहा हूं. देश और राज्य की राजनीति, कृषि और शिक्षा में रुचि रखता हूं.

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