(हाजीपुर से कैफ अहमद की रिपोर्ट)
Hajipur News: आगामी मानसून को देखते हुए जिले में संभावित बाढ़ एवं सुखाड़ की परिस्थितियों से प्रभावी ढंग से निपटने के लिए मंगलवार को पुष्करणी सभागार में उच्च स्तरीय समीक्षात्मक बैठक आयोजित की गई. बैठक की अध्यक्षता प्रभारी सचिव सह वित्त विभाग की सचिव (व्यय) रचना पाटिल ने की. इस दौरान बाढ़ एवं सुखाड़ की पूर्व तैयारियों, राहत एवं बचाव उपायों, आवश्यक संसाधनों की उपलब्धता तथा विभागवार कार्ययोजनाओं की विस्तार से समीक्षा की गई.
बैठक में प्रभारी सचिव रचना पाटिल ने सभी विभागों को किसी भी आपात स्थिति से निपटने के लिए समय रहते आवश्यक तैयारियां पूरी करने का निर्देश दिया. उन्होंने कहा कि बाढ़ और अल्पवृष्टि जैसी आपदाओं के दौरान आमजन तक त्वरित राहत पहुंचाना प्रशासन की सर्वोच्च प्राथमिकता होगी.
जलजमाव रोकने और तटबंधों को मजबूत करने पर जोर
नगर निकायों को शहरी एवं अर्ध-शहरी क्षेत्रों में जलजमाव की समस्या से निपटने के लिए पर्याप्त मैनपावर, ड्रेनेज पंपिंग सेट एवं अन्य संसाधनों की उपलब्धता सुनिश्चित करने का निर्देश दिया गया. साथ ही मानसून पूर्व नालों की उड़ाही और जल निकासी तंत्र की सफाई को प्राथमिकता देने को कहा गया.
बाढ़ नियंत्रण प्रमंडल को संवेदनशील तटबंधों की मरम्मत एवं सुदृढ़ीकरण कार्य शीघ्र पूरा करने तथा बाढ़ निरोधक सामग्रियों का पर्याप्त भंडारण सुनिश्चित करने का निर्देश दिया गया. वहीं जल निकासी प्रमंडल को सभी स्लुइस गेटों के रखरखाव एवं मरम्मत कार्य पूरा करने को कहा गया.
नाव, लाइफ जैकेट और राहत संसाधनों का होगा सत्यापन
सभी अंचलाधिकारियों को अपने-अपने क्षेत्रों में उपलब्ध सरकारी एवं निजी नावों, नाविकों, लाइफ जैकेट तथा अन्य राहत एवं बचाव संसाधनों का भौतिक सत्यापन करने का निर्देश दिया गया. पशुपालन विभाग को पशु चारा की निर्बाध उपलब्धता सुनिश्चित करने तथा लोक स्वास्थ्य अभियंत्रण विभाग को चापाकलों की मरम्मत एवं पेयजल व्यवस्था दुरुस्त रखने को कहा गया.
ग्रामीण कार्य विभाग और पथ निर्माण विभाग को क्षतिग्रस्त पुल-पुलियों का भौतिक सत्यापन करने तथा अग्निशमन विभाग को महत्वपूर्ण संस्थानों का फायर ऑडिट कराने का निर्देश दिया गया.
सुखाड़ की आशंका को लेकर भी तैयार रहने का निर्देश
बैठक में संभावित अल्पवृष्टि की स्थिति में सुखाड़ से निपटने की रणनीति पर भी चर्चा की गई. कृषि विभाग को आकस्मिक फसल योजना तैयार रखने, वैकल्पिक फसलों के बीज उपलब्ध कराने तथा डीजल अनुदान योजना के प्रभावी क्रियान्वयन के लिए तैयार रहने का निर्देश दिया गया.
रेस्क्यू टीमों की संख्या बढ़ाने और मेडिकल टीम तैनात करने के निर्देश
प्रभारी सचिव ने सभी संबंधित विभागों के अभियंताओं एवं फील्ड कर्मियों को चौबीसों घंटे सतर्क रहने तथा आपात स्थिति में त्वरित कार्रवाई सुनिश्चित करने का निर्देश दिया. स्वास्थ्य विभाग को बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में मोबाइल मेडिकल टीमों की उपलब्धता सुनिश्चित करने तथा आपदा प्रबंधन विभाग को राहत एवं बचाव कार्यों के लिए रेस्क्यू टीमों की संख्या बढ़ाने की जिम्मेदारी सौंपी गई.
बैठक में अपर समाहर्ता (राजस्व), अपर समाहर्ता (आपदा प्रबंधन), सभी अनुमंडल पदाधिकारी, प्रखंड विकास पदाधिकारी, अंचलाधिकारी, नगर निकायों के कार्यपालक पदाधिकारी तथा विभिन्न विभागों के जिला स्तरीय पदाधिकारी उपस्थित थे.
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