हाजीपुर में रातभर बिजली के लिए तरसे लोग, लोड बढ़ने से कई ट्रांसफॉर्मर और 33kV लाइन का जंपर उड़ा

Hajipur News: रातभर छतों और सड़कों पर जागकर समय बिताने को मजबूर हुए लोग, पेयजल और मोबाइल चार्जिंग भी प्रभावित

(हाजीपुर से कैफ अहमद की रिपोर्ट)

Hajipur News: हाजीपुर शहर के जढूआ, बागमली, संत कबीर नगर समेत कई इलाकों में मंगलवार शाम करीब पांच बजे से बिजली आपूर्ति ठप रहने के कारण लोगों को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ा. बुधवार दोपहर 12:30 बजे तक भी कई क्षेत्रों में बिजली बहाल नहीं हो सकी, जिससे लोग करीब 20 घंटे से अधिक समय तक अंधेरे और उमस भरी गर्मी में रहने को मजबूर रहे.

जानकारी के अनुसार 33 केवी फीडर पर तकनीकी कार्य चलने के कारण बिजली आपूर्ति बाधित रही. भीषण गर्मी और बढ़ी हुई उमस के बीच लंबे समय तक बिजली नहीं रहने से लोगों की परेशानी कई गुना बढ़ गई. जिन घरों में इनवर्टर लगे थे, वे भी चार से पांच घंटे के भीतर जवाब दे गए. इसके बाद लोगों को पूरी रात छतों, बरामदों और सड़कों पर बैठकर अथवा टहलकर समय बिताना पड़ा.

पानी के लिए भी तरसे लोग

बिजली आपूर्ति ठप रहने से पेयजल संकट भी गहरा गया. सुबह होते-होते कई घरों में पानी की समस्या उत्पन्न हो गई. वहीं मोबाइल चार्जिंग, घरेलू उपकरणों के संचालन और अन्य दैनिक कार्य भी प्रभावित हुए.

लगातार दूसरी बार रातभर ब्लैकआउट जैसी स्थिति

स्थानीय लोगों का कहना है कि दिनभर मजदूरी, नौकरी और अन्य कार्यों के बाद रात में आराम की उम्मीद रहती है, लेकिन बिजली संकट के कारण उनकी नींद हराम हो गई. पिछले एक सप्ताह के भीतर यह दूसरा मौका है जब शहर के कई इलाकों में रातभर बिजली आपूर्ति बाधित रही और बड़े हिस्से में ब्लैकआउट जैसी स्थिति बनी रही.

सोशल मीडिया पर फूटा लोगों का गुस्सा

बिजली कटौती को लेकर लोगों में भारी नाराजगी है. सोशल मीडिया पर उपभोक्ताओं ने व्यंग्यात्मक पोस्ट और मीम्स साझा करते हुए सवाल उठाया कि बिजली विभाग के अधिकांश मरम्मत कार्य गर्मी के मौसम में ही क्यों किए जाते हैं. कई लोगों ने हाजीपुर के सांसद एवं केंद्रीय मंत्री चिराग पासवान से भी हस्तक्षेप की मांग की है.

भविष्य में वैकल्पिक व्यवस्था की मांग

नागरिकों का कहना है कि यदि पूर्व सूचना और वैकल्पिक व्यवस्था की जाती तो उन्हें इतनी परेशानी नहीं झेलनी पड़ती. लंबे समय तक अंधेरा रहने से सुरक्षा संबंधी चिंताएं भी बढ़ गई हैं. लोगों ने बिजली विभाग से जल्द आपूर्ति बहाल करने तथा भविष्य में ऐसी स्थिति से बचने के लिए ठोस और प्रभावी व्यवस्था सुनिश्चित करने की मांग की है.

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लेखक के बारे में

Published by: Vivek Pandey

विवेक रंजन पांडेय का जन्म और पालन-पोषण बिहार के गौरवशाली इतिहास और ज्ञान की भूमि नालंदा में हुआ. इसी पावन धरती के संस्कारों ने उन्हें समाज और व्यवस्था को गहराई से देखने का नजरिया दिया. पत्रकारिता के प्रति अपने जुनून को करियर बदलने के लिए उन्होंने पटना के आर्यभट्ट विश्वविद्यालय से पत्रकारिता की डिग्री हासिल की. पिछले 7 वर्षों से टीवी चैनल के जरिए रिपोर्टिंग फील्ड में लगातार सक्रिय हैं. Network 10 National News Channel से करियर की शुरुआत की. उसके बाद कई संस्थानों में काम किया. शिक्षा और राजनीति के साथ कृषि, महिला सुरक्षा से जुड़े मुद्दे पर विशेष रूचि रखते हैं. पत्रकारिता की बारीकियों को सीखा और ग्राउंड जीरो पर रहकर जनता से जुड़े मुद्दों को प्रमुखता से उठाया. वर्तमान में Prabhat Khabar के माध्यम से बिहार की खबरों को एक नया आयाम दे रहे हैं. वे बिहार की राजनीति के साथ-साथ देश की सियासी हलचलों पर भी पैनी नजर रखते हैं. अपने शानदार करियर में उन्होंने ​बिहार के वर्तमान मुख्यमंत्री जब वह उप मुख्यमंत्री थे तब इंटरव्यू किया. इसके साथ कैबिनेट के अधिकांश प्रमुख मंत्रियों का विशेष इंटरव्यू किया है. ​बिहार के शीर्ष नेताओं और नौकरशाहों को बहुत करीब से देखा, समझा और उनकी नीतियों का निष्पक्ष विश्लेषण किया. ​जटिल राजनीतिक घटनाक्रमों को बेहद सरल भाषा में जनता के सामने पेश किया है.

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