हाजीपुर/ पातेपुर.
पातेपुर पीएचसी को सीएचसी में अपग्रेड किये जाने के बाद स्वास्थ्य विभाग ने सुविधाएं बढ़ाने की दिशा में कदम उठाने शुरू कर दिये है. शुक्रवार को विभाग की ओर से एक नयी एंबुलेंस सीएचसी को उपलब्ध करायी गयी. इस एंबुलेंस को स्थानीय विधायक लखेंद्र पासवान, प्रभारी चिकित्सा पदाधिकारी डॉ अवनी कुमार और डॉ गौरव ने संयुक्त रूप से हरी झंडी दिखाकर रवाना किया. सीएचसी में पहले से दो एंबुलेंस थी.दूसरी ओर, करोड़ों रुपये की लागत से सीएचसी के भवन निर्माण और आधारभूत संरचना में सुधार के बावजूद डॉक्टरों की तैनाती नहीं होने से लोगों में नाराजगी है. पातेपुर पीएचसी परिसर में करीब साढ़े सात करोड़ रुपये की लागत से 30 बेड का अस्पताल बना है, जिसे सीएचसी का दर्जा भी मिल चुका है. अस्पताल निर्माण के बाद पहले मुख्यमंत्री और फिर स्थानीय विधायक ने इसका उद्घाटन किया था. लेकिन, अफसोस की बात यह है कि उद्घाटन के दो महीने बीतने के बावजूद नया भवन अब तक बंद पड़ा है. डॉक्टरों की कमी के चलते अब तक यहां इलाज शुरू नहीं हो पाया है.केवल प्राथमिक उपचार की सुविधा मौजूद
शुक्रवार को इलाज कराने पहुंचे मरीजों और स्थानीय लोगों ने कहा कि सीएचसी बनने से उन्हें उम्मीद थी कि अब बेहतर इलाज के लिए बाहर नहीं जाना पड़ेगा. लेकिन करोड़ों की लागत से बनी बिल्डिंग अब लोगों का उपहास करती नजर आ रही है. स्थानीय लोगों ने स्वास्थ्य विभाग और जनप्रतिनिधियों पर नाराजगी जताते हुए कहा कि डॉक्टरों की कमी के चलते सड़क दुर्घटनाओं और अन्य आपात मामलों में केवल प्राथमिक उपचार की सुविधा उपलब्ध है. उन्होंने मांग की कि सभी विभागों के लिए अलग-अलग एमबीबीएस डॉक्टरों की शीघ्र तैनाती की जाये.डिस्क्लेमर: यह प्रभात खबर समाचार पत्र की ऑटोमेटेड न्यूज फीड है. इसे प्रभात खबर डॉट कॉम की टीम ने संपादित नहीं किया है
