Hajipur News: (कैफ अहमद) बिहार की प्रसिद्ध शाही लीची के परिवहन में इस वर्ष एक नया अध्याय जुड़ गया है. सोनपुर मंडल के अंतर्गत हाजीपुर रेलवे स्टेशन पहली बार लीची निर्यात के लिए महत्वपूर्ण रेल हब के रूप में उभरा है. हाजीपुर से सीधे रेल मार्ग के जरिए लीची की लोडिंग शुरू होने से स्थानीय व्यापारियों और किसानों को बड़ी राहत मिली है.
पहली बार हाजीपुर से सीधे रेल मार्ग से भेजी गई लीची
अब व्यापारियों को अपनी लीची रेल मार्ग से देश के विभिन्न शहरों में भेजने के लिए मुजफ्फरपुर नहीं जाना पड़ रहा है. इससे परिवहन लागत में कमी आई है और समय की भी बचत हो रही है. रेलवे की इस पहल का किसानों और कारोबारियों ने स्वागत किया है.
22 मई से 8 जून तक 55 हजार किलो लीची की ढुलाई
रेलवे के आंकड़ों के अनुसार 22 मई से 8 जून 2026 के बीच हाजीपुर स्टेशन से 55 हजार किलोग्राम लीची की ढुलाई की गई. इस दौरान कुल 4,225 पैकेट विभिन्न शहरों के लिए रेल मार्ग से भेजे गए. इस परिवहन से सोनपुर मंडल को 1.24 लाख रुपये से अधिक का राजस्व प्राप्त हुआ है.
रेल सेवा से लीची उत्पादकों को मिलेगा बड़ा बाजार
रेलवे अधिकारियों का कहना है कि हाजीपुर से सीधी लोडिंग शुरू होने के बाद व्यापारियों की रुचि लगातार बढ़ रही है. आने वाले दिनों में लीची परिवहन का दायरा और बढ़ने की संभावना है. रेल सेवा के माध्यम से किसानों और व्यापारियों को अपने उत्पादों के लिए बेहतर बाजार उपलब्ध हो रहा है.
कृषि उत्पादों की रेल ढुलाई को बढ़ावा देने की तैयारी
रेलवे की इस पहल से वैशाली और आसपास के क्षेत्रों की प्रसिद्ध लीची को नए बाजार मिलेंगे. साथ ही रेलवे के माल परिवहन राजस्व में भी बढ़ोतरी होगी. सोनपुर मंडल कृषि एवं बागवानी उत्पादों की रेल ढुलाई को बढ़ावा देने के लिए भविष्य में भी ऐसे प्रयास जारी रखने की योजना बना रहा है.
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