Hajipur News: (कैफ अहमद) राजधानी पटना को उत्तर बिहार से जोड़ने वाले महात्मा गांधी सेतु पर शनिवार अहले सुबह करीब चार बजे से भीषण जाम की स्थिति बनी रही. सेतु पर वाहनों का दबाव इतना अधिक था कि करीब छह किलोमीटर तक लंबी कतार लग गई. जाम में कई एंबुलेंस भी फंस गईं, जिससे मरीजों और उनके परिजनों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ा.
जानकारी के अनुसार, सेतु के पूर्वी लेन में पाया संख्या-19 के पास एक हाईवा और ट्रक की टक्कर हो गई. दुर्घटना के बाद क्षतिग्रस्त वाहनों को क्रेन की मदद से हटाने का काम शुरू किया गया, लेकिन इसी दौरान वाहनों की लंबी कतार लग गई और देखते ही देखते पूरा सेतु जाम की चपेट में आ गया.
रांग साइड से वाहनों की आवाजाही ने बढ़ाई परेशानी
स्थिति उस समय और गंभीर हो गई जब कई बाइक और छोटी गाड़ियां रांग साइड से पश्चिमी लेन में प्रवेश करने लगीं. इससे पश्चिमी लेन में भी यातायात पूरी तरह प्रभावित हो गया. नतीजतन महात्मा गांधी सेतु की दोनों लेनों पर भारी जाम लग गया और लोग घंटों फंसे रहे.
फोरलेन परियोजना भी बनी जाम की वजह
स्थानीय लोगों के अनुसार, हाल ही में शुरू हुई हाजीपुर के जढूआ से रामाशीष चौक तक की फोरलेन परियोजना भी जाम का एक बड़ा कारण बनी. करीब चार किलोमीटर लंबे ओवरब्रिज को दो दिन पहले ही चालू किया गया है. इसके कारण मुजफ्फरपुर, छपरा और दरभंगा की ओर से आने वाले वाहनों का दबाव सीधे फोरलेन पर पहुंच रहा है. हालांकि जढूआ के पास ओवरब्रिज समाप्त होने के बाद सड़क निर्माणाधीन एक लेन में सिमट जाती है, जिससे वहां ट्रैफिक का दबाव काफी बढ़ गया है.
एंबुलेंस में मरीजों को हुई भारी परेशानी
सुबह से जाम में फंसे लोगों ने प्रशासनिक व्यवस्था पर नाराजगी जताई. यात्रियों ने बताया कि वाहन घंटों रेंग-रेंग कर आगे बढ़ते रहे. सबसे अधिक परेशानी मरीजों को लेकर जा रही एंबुलेंसों को हुई, जो जाम में फंसकर लगातार सायरन बजाती रहीं. स्थानीय लोगों का कहना है कि यदि जल्द ट्रैफिक व्यवस्था दुरुस्त नहीं की गई तो स्थिति और भयावह हो सकती है. फिलहाल पुलिस और ट्रैफिक प्रशासन मौके पर पहुंचकर यातायात सामान्य कराने में जुटा हुआ है.
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