हाजीपुर में फसल चरने के विवाद में मारपीट, महिला समेत चार घायल

Hajipur News: वैशाली के पातेपुर में बकरी द्वारा फसल चरने को लेकर दो पक्षों में मारपीट हुई. महिला समेत चार लोग घायल हो गए. गंभीर महिला को स्ट्रेचर नहीं मिलने पर परिजन गोद में उठाकर एंबुलेंस तक ले गए.

Hajipur News (गोपाल कुमार): वैशाली जिले के बलिगांव थाना क्षेत्र अंतर्गत लदहो पंचायत के वार्ड संख्या 11 में बकरी द्वारा फसल चरने को लेकर दो पक्षों के बीच जमकर मारपीट हो गई. घटना में एक पक्ष की महिला समेत चार लोग गंभीर रूप से घायल हो गए. स्थानीय लोगों की मदद से सभी घायलों को इलाज के लिए पातेपुर सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (सीएचसी) पहुंचाया गया.

चिकित्सकों ने प्राथमिक उपचार के बाद गंभीर रूप से घायल महिला की हालत नाजुक देखते हुए उसे बेहतर इलाज के लिए सदर अस्पताल हाजीपुर रेफर कर दिया.

फसल चरने को लेकर शुरू हुआ विवाद

जानकारी के अनुसार गुरुवार की शाम लदहो गांव निवासी देवेंद्र राय के खेत में गांव के ही विनोद राय की बकरी घुस गई और फसल चरने लगी. इसी बात को लेकर दोनों पक्षों के बीच कहासुनी शुरू हुई, जो देखते ही देखते मारपीट में बदल गई.

मारपीट की घटना में देवेंद्र राय की 36 वर्षीय पत्नी रीना देवी, 18 वर्षीय पुत्री चंचल कुमारी, 16 वर्षीय रीता कुमारी तथा 13 वर्षीय श्रुति कुमारी गंभीर रूप से घायल हो गईं. घटना के बाद ग्रामीणों ने हस्तक्षेप कर दोनों पक्षों को शांत कराया और घायलों को अस्पताल पहुंचाया.

सीएचसी में नहीं मिला स्ट्रेचर, गोद में उठाकर ले गए परिजन

घटना के बाद पातेपुर सीएचसी की स्वास्थ्य व्यवस्था भी सवालों के घेरे में आ गई. आरोप है कि रेफर किए जाने के बाद गंभीर रूप से घायल रीना देवी को एंबुलेंस तक पहुंचाने के लिए अस्पताल में स्ट्रेचर उपलब्ध नहीं कराया गया.

काफी देर तक इंतजार के बावजूद जब कोई व्यवस्था नहीं हुई तो परिजन घायल महिला को गोद में उठाकर एंबुलेंस तक ले गए. इस दौरान महिला दर्द से तड़पती रही. घटना से परिजनों में काफी आक्रोश देखा गया.

सोशल मीडिया पर वायरल हुआ वीडियो

घायल महिला को गोद में उठाकर एंबुलेंस तक ले जाने का वीडियो किसी व्यक्ति ने अपने मोबाइल में रिकॉर्ड कर लिया, जो बाद में सोशल मीडिया पर वायरल हो गया. वीडियो सामने आने के बाद स्वास्थ्य विभाग की व्यवस्थाओं पर सवाल उठने लगे हैं.

स्थानीय लोगों का कहना है कि सरकार स्वास्थ्य सेवाओं को बेहतर बनाने के दावे करती है, लेकिन जमीनी स्तर पर मरीजों को बुनियादी सुविधाएं भी उपलब्ध नहीं हो पा रही हैं.

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Published by: Vivek Pandey

विवेक रंजन पांडेय का जन्म और पालन-पोषण बिहार के गौरवशाली इतिहास और ज्ञान की भूमि नालंदा में हुआ. इसी पावन धरती के संस्कारों ने उन्हें समाज और व्यवस्था को गहराई से देखने का नजरिया दिया. पत्रकारिता के प्रति अपने जुनून को करियर बदलने के लिए उन्होंने पटना के आर्यभट्ट विश्वविद्यालय से पत्रकारिता की डिग्री हासिल की. पिछले 7 वर्षों से टीवी चैनल के जरिए रिपोर्टिंग फील्ड में लगातार सक्रिय हैं. Network 10 National News Channel से करियर की शुरुआत की. उसके बाद कई संस्थानों में काम किया. शिक्षा और राजनीति के साथ कृषि, महिला सुरक्षा से जुड़े मुद्दे पर विशेष रूचि रखते हैं. पत्रकारिता की बारीकियों को सीखा और ग्राउंड जीरो पर रहकर जनता से जुड़े मुद्दों को प्रमुखता से उठाया. वर्तमान में Prabhat Khabar के माध्यम से बिहार की खबरों को एक नया आयाम दे रहे हैं. वे बिहार की राजनीति के साथ-साथ देश की सियासी हलचलों पर भी पैनी नजर रखते हैं. अपने शानदार करियर में उन्होंने ​बिहार के वर्तमान मुख्यमंत्री जब वह उप मुख्यमंत्री थे तब इंटरव्यू किया. इसके साथ कैबिनेट के अधिकांश प्रमुख मंत्रियों का विशेष इंटरव्यू किया है. ​बिहार के शीर्ष नेताओं और नौकरशाहों को बहुत करीब से देखा, समझा और उनकी नीतियों का निष्पक्ष विश्लेषण किया. ​जटिल राजनीतिक घटनाक्रमों को बेहद सरल भाषा में जनता के सामने पेश किया है.

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