Hajipur News: (दिलीप कुमार) वैशाली जिले के महुआ प्रखंड क्षेत्र में लगातार हो रही बिजली कटौती से उपभोक्ताओं में भारी नाराजगी देखने को मिल रही है. भीषण गर्मी और उमस के बीच बार-बार बिजली आपूर्ति बाधित होने से लोगों का जनजीवन प्रभावित हो रहा है. उपभोक्ताओं का कहना है कि यदि स्थिति में जल्द सुधार नहीं हुआ तो वे आंदोलन करने को मजबूर हो सकते हैं.
क्षेत्र में इन दिनों तेज धूप और उमस भरी गर्मी से लोग पहले ही परेशान हैं. दिन के समय लोग पेड़ों की छांव, पंखे, कूलर और एसी के सहारे गर्मी से राहत पाने की कोशिश कर रहे हैं. वहीं रात के समय बिजली कटौती ने उनकी मुश्किलें और बढ़ा दी हैं. उपभोक्ताओं का आरोप है कि कई बार रात में कब बिजली आती है और कब चली जाती है, इसकी जानकारी तक नहीं मिल पाती.
ग्रामीण क्षेत्रों के लोगों का कहना है कि बिजली नहीं रहने से मोटर और समरसेबल पंप बंद हो जाते हैं, जिससे पेयजल संकट की स्थिति उत्पन्न हो जाती है. इसके अलावा पंखा, कूलर और एसी जैसे उपकरण बंद रहने से लोगों को उमस भरी गर्मी में रात गुजारनी पड़ रही है.
शिकायत पर मिलते हैं अलग-अलग कारण
उपभोक्ताओं का कहना है कि7 बिजली विभाग में शिकायत करने पर कभी लोड शेडिंग तो कभी फ्यूज उड़ने का कारण बताया जाता है. लोगों का आरोप है कि नियमित बिजली आपूर्ति सुनिश्चित नहीं होने से आमजन को लगातार परेशानी झेलनी पड़ रही है.
नियमित बिजली आपूर्ति की मांग
बिजली संकट से परेशान उपभोक्ताओं ने विभाग के वरीय अधिकारियों से अविलंब समस्या का समाधान करने और क्षेत्र में नियमित एवं निर्बाध बिजली आपूर्ति सुनिश्चित करने की मांग की है.
विभाग का पक्ष
इस संबंध में पूछे जाने पर सहायक विद्युत अभियंता किरण भारती ने7 बताया कि गर्मी के मौसम में बिजली की मांग बढ़ने से लोड अधिक हो जाता है, जिसके कारण इस प्रकार की समस्याएं उत्पन्न हो रही हैं. उन्होंने कहा कि विभाग उपभोक्ताओं को निर्बाध बिजली उपलब्ध कराने के लिए लगातार प्रयासरत है. फ्यूज उड़ने जैसी शिकायत मिलते ही तकनीकी टीम द्वारा त्वरित कार्रवाई कर विद्युत आपूर्ति बहाल कर दी जाती है.
उपभोक्ताओं की मांग
- बिजली कटौती पर तत्काल रोक लगे.
- ग्रामीण क्षेत्रों में नियमित विद्युत आपूर्ति सुनिश्चित की जाए.
- फॉल्ट और फ्यूज की समस्याओं का स्थायी समाधान किया जाए.
- गर्मी के मौसम में अतिरिक्त लोड प्रबंधन की व्यवस्था की जाए.
- बिजली संकट के बीच महुआ के हजारों उपभोक्ता विभाग से शीघ्र राहत की उम्मीद लगाए बैठे हैं.
Also Read: दिल्ली अग्निकांड से सबक: औरंगाबाद के भीड़भाड़ वाले इलाकों में अग्नि सुरक्षा की पड़ताल शुरू
