Hajipur News (सुधीर कुमार झा) : गोरौल प्रखंड में भारत की जनगणना 2027 के प्रथम चरण में मकानो की सूचीकरण का कार्य 2 मई से प्रारंभ होकर 31मई को समाप्त हो रहा है. पहली बार डिजिटल मोड में हो रहे जनगणना को लेकर पूरे प्रखंड में 249 एच एल बी बनाया गया है इन 249 एच एल बी में 242 प्रगणक और 41 पर्यवेक्षकों ने एक-एक दरवाजे पर जाकर एच एल ओ एप के माध्यम से मकानो का सूचीकरण किया. इस दौरान भवनो की गिनती, मकानो की गिनती, परिवारों की संख्या सहित कुल 34 प्रश्नों पर प्रगणों ने परिवारों के मुखिया से प्रश्न पूछ कर सही-सही डाटा अपलोड करने का प्रयास किया. प्रगणकों के द्वारा सही-सही डाटा अपलोड किए जाने के कारण गोरौल प्रखंड के चार्ज अधिकारी सहित सभी कर्मियों और जनगणना में लगे अन्य अधिकारियों की परेशानी बढ़ गई. क्योंकि अधिकांश महादलित और दलित टोलो में परिवारों के पास शौचालय उपलब्ध नहीं है.
कई टोलों में शौचालय का अभाव
इन टोलो के लोग आज भी खुले में शौच करने को मजबूर हैं. जबकि प्रखंड काफी पहले ही खुले में शौच से मुक्त का प्रमाण पत्र पा चुका है. यानी गोरौल प्रखंड का सब गांव मोहल्ला ओडीएफ हो चुका है. ऐसी स्थिति में प्रगणकों का सर्वे ने विभाग का पोल खोल दिया. प्रखंड विकास पदाधिकारी गोरौल सुजीत कुमार सह चार्ज अधिकारी ने आनन फानन में सभी प्रगणको और पर्यवेक्षकों का ऑनलाइन बैठक करके शौचालय की स्थिति को दुरुस्त करने का निर्देश दिया. हालांकि कई प्रगणकों ने अपनी बात रखी और कहा कि जहां शौचालय नहीं है वहां शौचालय दिखाना गलत हो जाएगा, लेकिन अधिकारी के दबाव के कारण प्रगणकों को गलत जानकारी अपलोड करना पड़ा. इसकी जानकारी कई प्रगणकों ने नाम नही छापने के शर्त पर बताया कि दलित महादलित टोले में शौचालय न के बराबर है.
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