हाजीपुर (वैशाली) से अभिषेक शाश्वत की रिपोर्ट
Hajipur NEET Exam News: शहर के एक परीक्षा केंद्र पर नीट परीक्षा के दौरान एक बड़ा फर्जीवाड़ा सामने आया है. परीक्षा केंद्र पर बायोमेट्रिक मिलान में गड़बड़ी पाए जाने के बाद एक फर्जी परीक्षार्थी को पकड़ा गया है. मामले में नगर थाना पुलिस ने प्राथमिकी दर्ज कर जांच शुरू कर दी है. जानकारी के अनुसार 21 जून 2026 को नीट परीक्षा के दौरान केंद्र जीए इंटर स्कूल पर तैनात केंद्राधीक्षक अंजना सिंह ने नगर थाना पुलिस को दी शिकायत में बताया कि परीक्षार्थी रवि रंजन कुमार परीक्षा देने पहुँचा था. प्रवेश के समय एडमिट कार्ड और पहचान पत्र सही पाए गए और चेहरा भी मैच कर रहा था. हालांकि दोपहर करीब 3 बजे एनटीए की ओर से केंद्राधीक्षक को सूचना दी गई कि उक्त परीक्षार्थी संदिग्ध है और उसकी दोबारा बायोमेट्रिक जांच कराई जाए. दोबारा जांच में परीक्षार्थी का थंब इम्प्रेशन पूरी तरह मिसमैच पाया गया.
NEET Solver Gang: कड़ाई से पूछताछ में उगला सच
शाम 5 बजे एनटीए के निर्देश पर परीक्षा केंद्र पर तैनात अधिकारियों ने उसे रोककर कड़ाई से पूछताछ की. इस दौरान परीक्षार्थी ने अपना बयान बार-बार बदला, लेकिन अंततः अधिकारियों की सख्ती के आगे उसने घुटने टेक दिए और अपनी असली पहचान उजागर कर दी. उसने बताया कि उसका वास्तविक नाम राम बहादुर राय (27 वर्ष) है, जो मूल परीक्षार्थी की जगह परीक्षा कक्ष में बैठकर पेपर दे रहा था. फर्जीवाड़ा उजागर होते ही केंद्र पर हड़कंप मच गया, जिसके बाद नगर थाने की पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए आरोपी को मौके से गिरफ्तार कर लिया.
Hajipur News: इन गंभीर धाराओं के तहत केस दर्ज
पकड़ा गया आरोपित वैशाली जिले के ही कटहरा थाना क्षेत्र के कैला जलालपुर गाँव का रहने वाला है. केंद्राधीक्षक के आवेदन पर नगर थाना पुलिस ने आरोपी के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (BNS) 2023 और द पब्लिक एग्जामिनेशन (प्रिवेंशन ऑफ अनफेयर मीन्स) एक्ट की विभिन्न गंभीर धाराओं के तहत मामला दर्ज किया है. पुलिस अब इस बात का पता लगा रही है कि इस फर्जीवाड़े के पीछे कौन सा संगठित सॉल्वर गैंग काम कर रहा है और मूल परीक्षार्थी के साथ डील कितने रुपये में तय हुई थी.
पूछताछ के बाद भेजा गया जेल
नगर थाने के पुलिस पदाधिकारी ने बताया कि नीट की परीक्षा में दूसरे के स्थान पर एग्जाम दे रहे फर्जी परीक्षार्थी को गिरफ्तार किया गया है. केंद्र पर सुरक्षा के कड़े इंतजामों और तकनीक के बेहतर इस्तेमाल के कारण इस बड़ी धोखाधड़ी को रोकने में कामयाबी मिली है. गिरफ्तार आरोपी से शुरुआती पूछताछ के बाद उसे न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया गया है. पुलिस इस नेटवर्क से जुड़े अन्य दलालों और फरार लोगों की गिरफ्तारी के लिए संभावित ठिकानों पर छापेमारी कर रही है.
