Hajipur Muharram News: (कैफ अहमद) मुहर्रम पर्व के अवसर पर शुक्रवार को हाजीपुर शहर में विभिन्न क्षेत्रों से पारंपरिक अखाड़ों के जुलूस निकाले गए. अखाड़ों के खिलाड़ियों ने पारंपरिक हथियारों और करतबों का प्रदर्शन करते हुए निर्धारित मार्गों से गुजरकर प्रमुख चौक-चौराहों तक अपनी प्रस्तुति दी. इसके बाद सभी अखाड़े अपने-अपने क्षेत्रों में लौट गए. कई स्थानों पर ताजिया मिलन कार्यक्रम का भी आयोजन किया गया.
ऐतिहासिक कर्बला में आज ग्रामीण और कल शहरी अखाड़ों का पहलाम
मुहर्रम के अवसर पर जढ़ुआ स्थित ऐतिहासिक कर्बला में शनिवार को ग्रामीण क्षेत्रों के अखाड़ों का आगमन होगा, जबकि रविवार सुबह से शहरी क्षेत्र के अखाड़ों का पहलाम कराया जाएगा. इसे लेकर प्रशासन ने विशेष तैयारियां की हैं.
शहर के कई प्रमुख अखाड़ों ने निकाला जुलूस
बागमली का टाइगर अखाड़ा, गंज पठान टोली का शेर अखाड़ा, थाना चौक का चिंगारी अखाड़ा, मस्जिद चौक का राइन अखाड़ा, पंद्रीबा अखाड़ा, बीबीडोला अखाड़ा, किंग अखाड़ा, मड़ई अखाड़ा, मीरशिकार अखाड़ा और बच्चा अखाड़ा सहित दर्जनों अखाड़ों ने पारंपरिक अंदाज में जुलूस निकाला. इस दौरान बड़ी संख्या में लोग मौजूद रहे और विभिन्न स्थानों पर खिलाड़ियों ने अपने कौशल का प्रदर्शन किया.
385 स्थानों पर तैनात रहे दंडाधिकारी और पुलिस बल
मुहर्रम पर्व को शांतिपूर्ण एवं सौहार्दपूर्ण वातावरण में संपन्न कराने के लिए जिला प्रशासन पूरी तरह सतर्क रहा. जिलेभर के 385 स्थानों पर दंडाधिकारी, पुलिस पदाधिकारी और पर्याप्त संख्या में पुलिस बल की प्रतिनियुक्ति की गई. संवेदनशील एवं अतिसंवेदनशील इलाकों में विशेष निगरानी रखी गई, जबकि वरीय प्रशासनिक और पुलिस अधिकारी लगातार क्षेत्र का भ्रमण करते रहे.
ड्रोन, सीसीटीवी और वीडियोग्राफी से रखी गई निगरानी
सुरक्षा व्यवस्था को और मजबूत बनाने के लिए प्रमुख स्थानों पर ड्रोन कैमरों, सीसीटीवी कैमरों और वीडियोग्राफी का सहारा लिया गया. प्रशासन ने स्पष्ट किया कि पर्व के दौरान किसी भी प्रकार की अप्रिय घटना से निपटने के लिए सभी आवश्यक इंतजाम किए गए हैं और पूरे जिले में सुरक्षा व्यवस्था पूरी तरह मुस्तैद है.
इसे भी पढ़ें: गोपालगंज की लापता युवती बलिया में मिली, डेटिंग ऐप से शुरू हुई प्रेम कहानी
