Vaishali Flood News: जिले के सहदेई बुजुर्ग प्रखंड अंतर्गत नयागांव पश्चिम पंचायत में गंगा नदी के जलस्तर में हुई अप्रत्याशित वृद्धि ने भयानक तबाही मचा दी है. गनियारी सहित आसपास के तमाम निचले इलाके पूरी तरह जलमग्न हो चुके हैं. बाढ़ के दबाव से गनियारी गांव की सुरक्षा के लिए बनाया गया नया रिंग बांध पूरी तरह पानी में डूब गया है. बांध के डूबते ही बाढ़ का पानी गनियारी के प्रत्येक घर के अंदर प्रवेश कर गया है, जिससे पूरा गांव टापू में तब्दील हो चुका है.
हाजीपुर-महनार मुख्य मार्ग NH 122B पर चढ़ा 3 फीट पानी
गंगा के रौद्र रूप का असर अब सीधे राष्ट्रीय राजमार्ग पर भी दिखने लगा है:
- सड़क पर जलबहाव: हाजीपुर-महनार मुख्य मार्ग (NH 122B) से नयागांव नीलकंठ ब्रह्म जाने वाली बांध सड़क जलमग्न हो गई है, जिस पर एक से तीन फीट तक तेज गति से पानी बह रहा है.
- हाईवे पार कर बहा पानी: नयागंज बाजार स्थित काली मंदिर के पास बाढ़ का पानी एनएच 122बी को पार कर सड़क के दूसरी ओर बसे गांवों की बस्तियों में घुसने लगा.
- सड़क पर यातायात प्रभावित: हाईवे के ऊपर से पानी बहने के कारण दोनों तरफ वाहनों की लंबी कतारें लग गईं और आवागमन पूरी तरह जोखिम भरा हो गया.
प्रशासनिक शिथिलता से भड़के ग्रामीण, NH 122B किया जाम
एनएच 122बी पर पानी के तेज बहाव और नयागंज 28 टोला के सामने गंगा का पानी सड़क पार करने की नौबत आने पर ग्रामीणों ने सुबह ही स्थानीय प्रशासन को इसकी सूचना दी. आरोप है कि घंटों बीत जाने के बाद भी जब प्रशासन की ओर से पानी का बहाव रोकने का कोई पुख्ता उपाय नहीं किया गया, तो आक्रोशित ग्रामीणों का धैर्य टूट गया. नाराज लोगों ने 28 टोला के निकट हाजीपुर-महनार मुख्य मार्ग पर बांस-बल्ले लगाकर आवागमन ठप कर दिया और जोरदार हंगामा शुरू कर दिया.
जेसीबी से मिट्टी डालकर रोका गया बहाव, अधिकारियों ने खुलवाया जाम
सड़क जाम की सूचना पाकर स्थानीय जिला पार्षद मनीन्द्र नाथ सिंह तत्काल मौके पर पहुंचे. उन्होंने निजी पहल पर जेसीबी मंगवाकर सड़क के किनारे मिट्टी और बोल्डर गिरवाकर पानी के तेज रिसाव को रुकवाने का प्रयास किया, जिसके बाद रिहायशी इलाकों में पानी का प्रवेश रुका. इसके उपरांत आपदा प्रबंधन विभाग के एमडी प्रवीण कुमार, सहदेई बुजुर्ग के अंचलाधिकारी (सीओ) दीपक कुमार, जिला पार्षद मनीन्द्र नाथ सिंह और समाजसेवी अभिमन्यु कुमार राय मौके पर पहुंचे. अधिकारियों ने आक्रोशित लोगों को स्थिति पर तत्काल नियंत्रण पाने और राहत कार्य शुरू करने का ठोस आश्वासन देकर समझा-बुझाकर जाम समाप्त कराया.
25 दिनों से बाढ़ का दंश, खुले आसमान के नीचे रहने को मजबूर
गनियारी और नयागांव के बाढ़ पीड़ितों का दर्द दिन-प्रतिदिन बढ़ता जा रहा है. सैकड़ों ग्रामीण अपने छोटे बच्चों, महिलाओं और बुजुर्गों के साथ पिछले 20-25 दिनों से बाढ़ के पानी से जूझ रहे हैं. घर डूब जाने के कारण लोग ऊंचे स्थानों और सड़क किनारे प्लास्टिक के तंबू तानकर खुले आसमान के नीचे रहने को विवश हैं. पशुपालकों के सामने मवेशियों के चारे और सुरक्षा का बड़ा संकट खड़ा हो गया है. ग्रामीणों ने जिला प्रशासन से अविलंब पर्याप्त सरकारी नावें, सूखा राशन, सुरक्षित पेयजल और पॉलीथिन शीट उपलब्ध कराने की मांग की है.
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