हाजीपुर मंडल कारा में कैदियों से बातचीत का वीडियो वायरल, जेल मैनुअल के उल्लंघन पर उठे सवाल

हाजीपुर मंडल कारा में कारा सुधार समिति के निरीक्षण का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल होने से हड़कंप, जेल मैनुअल के उल्लंघन पर उठे गंभीर सवाल।

Hajipur News : हाजीपुर मंडल कारा में सुरक्षा व्यवस्था और जेल मैनुअल के पालन को लेकर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं. बिहार विधानसभा की कारा सुधार समिति के औचक निरीक्षण के दौरान जेल परिसर का एक वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल होने के बाद प्रशासनिक और राजनीतिक गलियारों में चर्चा तेज हो गई है. वायरल वीडियो में समिति के सदस्य बंदियों से बातचीत करते और जेल परिसर के अंदर का दृश्य रिकॉर्ड करते दिखाई दे रहे हैं.

कारा सुधार समिति ने किया था औचक निरीक्षण

बुधवार को बिहार विधानसभा की कारा सुधार समिति की टीम हाजीपुर मंडल कारा के निरीक्षण के लिए पहुंची थी. टीम में समिति की सभापति एवं प्राणपुर विधायक निशा सिंह, कोढ़ा विधायक कविता देवी और बेलसंड विधायक अमित रानू शामिल थे. समिति ने पुरुष एवं महिला वार्डों का निरीक्षण कर बंदियों से उनकी समस्याओं, खान-पान, साफ-सफाई और अन्य सुविधाओं के संबंध में जानकारी ली.

वायरल वीडियो पर उठे सुरक्षा संबंधी सवाल

निरीक्षण के बाद जेल परिसर का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो गया. इसके बाद यह सवाल उठने लगे कि जब जेल के अंदर मोबाइल फोन और रिकॉर्डिंग उपकरण ले जाने पर प्रतिबंध है, तो वीडियो कैसे बनाया गया और बाहर कैसे पहुंचा. मामले को लेकर जेल प्रशासन की सुरक्षा व्यवस्था पर भी सवाल उठाए जा रहे हैं.

क्या कहते हैं जेल नियम

जानकारों के अनुसार, जेल मैनुअल के तहत जेल परिसर संवेदनशील और प्रतिबंधित क्षेत्र माना जाता है. सुरक्षा और बंदियों की गोपनीयता बनाए रखने के लिए जेल के अंदर सामान्य तौर पर वीडियोग्राफी और फोटोग्राफी पर रोक रहती है. वायरल वीडियो को लेकर इसी नियम के उल्लंघन की चर्चा हो रही है.

अधिवक्ताओं ने जताई चिंता

हाजीपुर सिविल कोर्ट के अधिवक्ता शिवशंकर ने कहा कि जेल के अंदर मोबाइल ले जाने की अनुमति नहीं होती. यदि किसी बंदी को शिकायत होती है तो वह लिखित रूप से जिला जज या जिला पदाधिकारी को अपनी बात दे सकता है. उन्होंने कहा कि विधानसभा समिति द्वारा निरीक्षण के दौरान रिकॉर्डिंग का अलग प्रावधान हो सकता है, लेकिन उसका सोशल मीडिया पर वायरल होना जेल मैनुअल के उल्लंघन का विषय बन सकता है.

वहीं अधिवक्ता प्रवीण कुमार तिवारी ने कहा कि जेल के अंदर का वीडियो सार्वजनिक होने से सुरक्षा व्यवस्था प्रभावित हो सकती है. उन्होंने कहा कि जेल मैनुअल में जेल परिसर के भीतर वीडियोग्राफी की अनुमति नहीं है.

जेल प्रशासन का पक्ष नहीं आया सामने

इस संबंध में जेल प्रशासन से संपर्क करने का प्रयास किया गया, लेकिन उनका पक्ष प्राप्त नहीं हो सका. वायरल वीडियो के बाद पूरे मामले को लेकर प्रशासनिक स्तर पर चर्चा तेज है. वहीं, यह स्पष्ट नहीं है कि इस मामले में किसी प्रकार की आधिकारिक जांच या कार्रवाई शुरू की गई है.

Also Read : वैशाली में किसानों को समय पर मिलेगा उर्वरक, डीएपी की कमी पर नहीं होगी परेशानी


प्रभात खबर डिजिटल टॉप स्टोरी

लेखक के बारे में

By अभिषेक कुमार

अभिषेक कुमार 9 साल से पत्रकारिता कर रहे हैं. इनकी सबसे अच्छी पकड़ क्राइम और राजनीति की खबरों पर है.

Read More
ePaper

अपने दैनिक समाचार अनुभव को और बेहतरीन बनाएं

सिर्फ ₹399 ₹149

एक साल के लिए

आज ही सब्सक्राइब करें

संबंधित खबरें >

यह भी पढ़ें >