Hajipur Ganga Erosion News: वैशाली जिले के सहदेई बुजुर्ग प्रखंड के गनियारी गांव में पिछले वर्ष गंगा नदी के भीषण कटाव से करीब 400 परिवार बेघर हो गए थे. घर, खेत और वर्षों की मेहनत से बनाई गई संपत्ति गंगा में समा गई थी. कटाव का खतरा इतना बढ़ गया था कि राष्ट्रीय राजमार्ग (एनएच-122बी) भी इसकी जद में आने लगा था. इस वर्ष इसी संकट से स्थायी राहत दिलाने के लिए जल संसाधन विभाग की ओर से गंगा के बाएं तट पर 1,710 मीटर लंबाई में वैज्ञानिक पद्धति से कटाव निरोधी कार्य कराया जा रहा है.
जल संसाधन विभाग के सचिव ने किया निर्माण कार्य का निरीक्षण
जल संसाधन विभाग के सचिव डॉ. चन्द्रशेखर सिंह ने निर्माण स्थल का निरीक्षण कर कार्य की प्रगति, गुणवत्ता और तकनीकी मानकों की समीक्षा की. उन्होंने अधिकारियों से निर्माण कार्य की जानकारी ली और तय समय के भीतर गुणवत्तापूर्ण कार्य पूरा करने का निर्देश दिया.
एनएच-122बी और गांव पर मंडरा रहा था खतरा
विभागीय अधिकारियों ने बताया कि लगातार कटाव के कारण गंगा नदी और एनएच-122बी के बीच की दूरी घटकर करीब 250 मीटर रह गई थी. इससे गनियारी गांव, आसपास की बस्तियों, कृषि भूमि, आवासीय भवनों और सार्वजनिक परिसंपत्तियों पर बड़ा खतरा उत्पन्न हो गया था. इसी को देखते हुए आधुनिक तकनीक से कटाव निरोधी संरचना विकसित की जा रही है.
लॉन्चिंग एप्रन से मजबूत होगा नदी का तट
परियोजना के तहत 1,710 मीटर लंबाई में लॉन्चिंग एप्रन का निर्माण किया जा रहा है. विभाग के अनुसार यह संरचना नदी के तल में होने वाले कटाव (टो इरोजन) और स्कॉरिंग को नियंत्रित करेगी. इससे तट की मजबूती बढ़ेगी और भविष्य में कटाव की आशंका काफी हद तक कम हो जाएगी.
अधिकारियों को दिए आवश्यक निर्देश
निरीक्षण के दौरान सचिव डॉ. चन्द्रशेखर सिंह ने अभियंताओं और कार्य एजेंसी को निर्देश दिया कि बारिश और गंगा के बढ़ते जलस्तर को देखते हुए कार्य में किसी प्रकार की लापरवाही नहीं होनी चाहिए. उन्होंने पर्याप्त मशीनरी, निर्माण सामग्री और नियमित तकनीकी निगरानी सुनिश्चित करते हुए समयबद्ध तरीके से परियोजना पूरी करने को कहा.
ग्रामीणों को सुरक्षित भविष्य की उम्मीद
पिछले वर्ष गनियारी गांव में हुई तबाही आज भी लोगों के जेहन में ताजा है. ऐसे में ग्रामीणों को उम्मीद है कि कटाव निरोधी परियोजना पूरी होने के बाद हर वर्ष गंगा कटाव का खतरा काफी कम होगा और गांव के साथ-साथ एनएच-122बी एवं आसपास की आबादी को भी स्थायी सुरक्षा मिल सकेगी.
निरीक्षण के दौरान मुख्य अभियंता, गोपालगंज-मुजफ्फरपुर परिक्षेत्र, जल संसाधन विभाग के वरीय अभियंता, संबंधित कार्यपालक अभियंता तथा विभाग के अन्य अधिकारी मौजूद रहे.
