Hajipur News : आधुनिक युग में एक से बढ़कर एक गीत संगीत और कला संस्कृति से मनोरंजन का साधन बेहद आसान हो गया है. वही दूसरे तरफ आज भी ग्रामीण क्षेत्रों के लोगो के बीच गोपीचंद महात्माओं की सुरीली आवाज बेहद पसंद है.जिसे देख और सुनकर लोग भरपूर मनोरंजन करते है. जानकारी के अनुसार यूपी के गोरखपुर से महुआ पहुंचे दो दो गोपीचंद महात्माओं द्वारा गेरुआ वस्त्र धारण कर हाथों में सारंगी लेकर जैसे ही बाहर निकलते है कि ग्रामीण क्षेत्रों के लोग इनकी सुरीली आवाज सुनने को बेताब हो जाते है.कही मां बेटे तो कही भाई बहन का अटूट प्यार की गीत संगीत जब प्रस्तुत की जाती है तो लोगों के रोंगटे खड़े हो जाते.इन योगी महात्माओं को गीत सुनाने के नाम पर फटी चीती सूती वस्त्र तो कही पैसे और राशन दिया जाता है.महात्माओं ने बताया कि हर किसी को घर परिवार से प्यार होता है लेकिन कभी कभी हालत ऐसा बन जाता है कि कोई महत्मा तो कोई फ़कीर और संन्यासी बन जाता है.नाम पता बताने की मांग पर कहा कि गुरुओं की कसम है नहीं बता सकते.
महुआ में गोपीचंद की सुरीली आवाज सुनने को लोग बेताब
महुआ में यूपी से आए गोपीचंद महात्माओं की सुरीली आवाज और उनके भावुक गीतों को सुनने के लिए ग्रामीण क्षेत्रों के लोग काफी उत्साहित नजर आ रहे हैं।

महुआ में गोपीचंद की सुरीली आवाज सुनने को लोग बेताब