गंगा का जलस्तर बढ़ा, गनियारी पूरी तरह जलमग्न; 90% परिवार घर छोड़ सुरक्षित जगहों पर पहुंचे

देसरी और सहदेई बुजुर्ग में गंगा का जलस्तर बढ़ने से सैकड़ों घर जलमग्न हो गए हैं। लोग सुरक्षित स्थानों पर पलायन को मजबूर हैं और फसलों को भारी नुकसान हुआ है।

Flood in Desari : वैशाली के देसरी गंगा नदी के लगातार बढ़ रहे जलस्तर से सहदेई बुजुर्ग प्रखंड क्षेत्र के नयागांव पश्चिमी पंचायत के गनियारी वार्ड संख्या 12 और 13 में बाढ़ की स्थिति गंभीर हो गई है. पिछले एक सप्ताह से जलस्तर में लगातार वृद्धि जारी है. शनिवार शाम तक गंगा का पानी और बढ़ गया और खतरे के निशान से ऊपर बहने लगा. इसके कारण गनियारी के सैकड़ों घरों में पानी प्रवेश कर गया और पूरा इलाका जलमग्न हो गया है.

90 प्रतिशत परिवारों ने खाली किए घर

बाढ़ का पानी चारों ओर फैलने के बाद गनियारी के करीब 90 प्रतिशत लोग अपने घरों को खाली कर चुके हैं. लोग खाने-पीने और जरूरी सामान लेकर सुरक्षित स्थान बारियारपुर समेत अन्य जगहों पर शरण ले रहे हैं. कई परिवार रिश्तेदारों के घर भी चले गए हैं. वहीं करीब 10 प्रतिशत बाढ़ पीड़ित अब भी चारों तरफ पानी से घिरे अपने घरों की छतों पर रहने को मजबूर हैं.

दोनों सड़कों पर बह रहा पानी, निजी नाव ही सहारा

गनियारी जाने वाली दोनों सड़कों पर बाढ़ के पानी का तेज बहाव होने के कारण आवागमन पूरी तरह ठप हो गया है. ग्रामीण अब केवल निजी नाव के सहारे गांव से बाहर आ-जा रहे हैं. ग्रामीणों के अनुसार सरकारी स्तर पर अब तक नाव का परिचालन शुरू नहीं किया गया है.

स्थानीय जिला पार्षद उपेंद्र कुमार राय, देसरी के जिला पार्षद मोहित पासवान, युवा नेता गौरव कुमार, गोलू कुमार, प्रमुख आनंद कुमार, उप प्रमुख अजीत कुमार राय, वार्ड सदस्य मिथलेश राय, विकास कुमार राय समेत अन्य लोगों ने प्रशासन से बाढ़ पीड़ितों के लिए राहत और बचाव की समुचित व्यवस्था करने की मांग की है.

खड़गपुर और जहांगीरपुर शाम में भी घुसा पानी

देसरी प्रखंड के आजमपुर पंचायत के खड़गपुर और जहांगीरपुर शाम के निचले इलाकों में भी बाढ़ का पानी प्रवेश कर गया है. इससे सैकड़ों परिवारों की परेशानी बढ़ गई है. लोग रात में भी भय के माहौल में रह रहे हैं. कई परिवार बांध पर शरण लेने को मजबूर हैं. खाने-पीने और रहने की समस्या भी उत्पन्न हो गई है.

नवनिर्मित बांध का दृश्य

सैकड़ों एकड़ फसल डूबी, किसानों को लाखों का नुकसान

जहांगीरपुर शाम के निचले इलाकों में पानी घुसने से सैकड़ों एकड़ में लगी मक्का, परवल और हरी मिर्च की फसल डूब गई है. किसानों को लाखों रुपये के नुकसान का अनुमान है. किसान डूबी हुई मक्का की फसल को नाव के जरिए बाहर निकालकर मवेशियों के चारे के रूप में इस्तेमाल कर रहे हैं.


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By Singeshwar prasad

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