हाजीपुर में बाढ़ की स्थिति में सुधार, 32 पंचायत और 93 गांव अब भी प्रभावित

बाढ़ से प्रभावित जिलों में राहत और बचाव कार्य जारी है. जलस्तर कम होने के साथ प्रशासन आवश्यक सेवाओं की निगरानी कर रहा है. प्रभावित नागरिक राहत राशि के लिए आवेदन कर सकते हैं.

Flood Relief: जिले में बाढ़ की स्थिति में लगातार सुधार हो रहा है. जलस्तर में कमी आने के साथ प्रभावित इलाकों में राहत एवं बचाव कार्य जारी है. प्रशासन के अनुसार, जिले के 32 पंचायत, दो नगर निकाय, 93 गांव और 12 वार्ड अब भी बाढ़ से प्रभावित हैं. बाढ़ से प्रभावित आबादी 2,98,800 है. प्रशासन की ओर से राहत कार्यों के साथ आवश्यक सेवाओं की लगातार निगरानी की जा रही है.

21 नावों से जारी है आवागमन

बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में लोगों के आवागमन और राहत कार्यों के लिए वर्तमान में 21 नावों का परिचालन किया जा रहा है. प्रभावित परिवारों के बीच अब तक 48,505 पॉलिथीन शीट और 19,684 ड्राई राशन पैकेट वितरित किये जा चुके हैं.

GR सूची में नाम नहीं तो ऐसे करें आवेदन

जिन बाढ़ प्रभावित नागरिकों का नाम GR वितरण सूची में शामिल नहीं हो पाया है, वे संबंधित अंचलाधिकारी से संपर्क कर आवेदन कर सकते हैं. आवेदन के साथ आवेदक, पति या पत्नी और बच्चों के पहचान पत्र, बैंक खाते का विवरण, आधार से लिंक बैंक खाते का प्रमाण और सहमति पत्र प्रस्तुत करना होगा.

प्रशासन ने लोगों से बिचौलियों से सावधान रहने की अपील की है. राहत राशि दिलाने के नाम पर किसी भी व्यक्ति को पैसे नहीं देने की सलाह दी गयी है.

4 स्वास्थ्य शिविरों में 22 हजार से अधिक मरीजों का इलाज

बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में स्वास्थ्य सेवाओं के लिए चार स्वास्थ्य शिविर संचालित किये जा रहे हैं. इन शिविरों में अब तक 22,897 मरीजों का उपचार किया जा चुका है. जलजनित बीमारियों से बचाव के लिए 7,581 किलोग्राम ब्लीचिंग पाउडर, 5,000 मेडिकल किट और 17,221 हैलोजन टैबलेट वितरित किये गये हैं.

5,951 पशुओं का हुआ उपचार

बाढ़ राहत अवधि के दौरान 5,951 पशुओं का उपचार किया गया है. पशुपालकों के बीच अब तक 1,16,320 किलोग्राम पशु चारा वितरित किया जा चुका है. प्रशासन के अनुसार, वर्तमान में जिले में कोई पशु शिविर संचालित नहीं है.

नदी किनारे और कमजोर इलाकों से दूर रहने की अपील

प्रशासन ने लोगों से नदी किनारे, कटाव प्रभावित क्षेत्रों, तटबंधों और कमजोर भूमि से दूर रहने की अपील की है. बच्चों और बुजुर्गों को विशेष सावधानी बरतने को कहा गया है. भूमि धंसने, दरार पड़ने या तटबंध कमजोर होने की स्थिति में तत्काल स्थानीय पदाधिकारियों को सूचना देने की सलाह दी गयी है.

बाढ़ का पानी घटने के बाद साफ-सफाई पर विशेष ध्यान देने और पेयजल को शुद्ध करने के बाद ही इस्तेमाल करने की अपील भी की गयी है.

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By कैफ अहमद

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