लालगंज नगर. हिंदू नववर्ष के उपलक्ष्य में चैत्र शुक्ल प्रतिपदा 30 मार्च से रामनवमी छह अप्रैल तक गंडक परियोजना परिसर में होनेवाले श्रीचंडी महायज्ञ का मंगलवार को ध्वजारोहण किया गया. मौके पर धर्मसंघ के प्रांतीय अध्यक्ष पंडित रामाशंकर शास्त्री ने कहा कि सनातन नववर्ष चैत्र शुक्ल प्रतिपदा ही वास्तविक नववर्ष है, जिसका स्वागत प्रकृति भी करती है. इसके पहले वृक्षों की पुरानी पत्तियां झर जाती हैं और नयी पत्तियां आ जाती हैं. वायुमंडल का कुहासा, कुहरा, धुंध समाप्त होकर आकाश निर्मल हो जाता है. उन्होंने कहा कि सनातन नववर्ष वासंतिक नवरात्र का प्रथम दिन होता है, जो पूजा-पाठ और योग साधना से शुरू होता है, जिससे साधकों के जीवन में दिव्यता आती है और तन-मन दोनों स्वस्थ बनते हैं. मौके पर पूजन पंडित हरि नारायण तिवारी ने कराया. यजमान आकाश शुक्ला बने. ध्वजारोहण में वसंत सिंह, सुगंध तिवारी, मुंशी भगत, जितेंद्र सिंह, संतोष शुक्ल, मुकेश सिंह, संजीव कुमार सिंह, रंजीत सिंह, आदित्य कुमार, गोविंद कुमार, राजा कुमार, मुकुल पांडेय और युगुल सिंह आदि ने भाग लिया.
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