निर्वाचन आयोग के व्यय प्रेक्षक पहुंचे हाजीपुर

बिहार विधानसभा निर्वाचन के मद्देनजर भारत निर्वाचन आयोग से प्रेक्षक हाजीपुर पहुंचे. इस दौरान व्यय प्रेक्षक रुपेश सुकुमारन, आशुतोष शर्मा, विजेंद्र चौधरी जिले में विधानसभा व्यय अनुश्रवण हेतु पहुंचे हैं.जिला अतिथि गृह सभागार में जिला निर्वाचन पदाधिकारी सह डीएम वर्षा सिंह व पुलिस अधीक्षक ललित मोहन शर्मा की उपस्थिति में अभ्यर्थी व्यय अनुवीक्षक के नोडल पदाधिकारी कार्तिक कुमार सिंह व अन्य व्यय संबंधी नोडल अधिकारियों के साथ अतिथि गृह सभाकक्ष में बैठक की गई.

हाजीपुर. बिहार विधानसभा निर्वाचन के मद्देनजर भारत निर्वाचन आयोग से प्रेक्षक हाजीपुर पहुंचे. इस दौरान व्यय प्रेक्षक रुपेश सुकुमारन, आशुतोष शर्मा, विजेंद्र चौधरी जिले में विधानसभा व्यय अनुश्रवण हेतु पहुंचे हैं. जिला अतिथि गृह सभागार में जिला निर्वाचन पदाधिकारी सह डीएम वर्षा सिंह व पुलिस अधीक्षक ललित मोहन शर्मा की उपस्थिति में अभ्यर्थी व्यय अनुवीक्षक के नोडल पदाधिकारी कार्तिक कुमार सिंह व अन्य व्यय संबंधी नोडल अधिकारियों के साथ अतिथि गृह सभाकक्ष में बैठक की गई.बैठक के दौरान इन्होंने कहा कि अभ्यर्थी का चुनाव का व्यय के रिकार्ड के लिए नया खाता खोलना है, जिसमें उसका अकेला व्यक्ति का खाता होना चाहिए. संयुक्त खाता नहीं होना चाहिए. बैंक अधिकारियों को किसी संदिग्ध खाता से किसी व्यक्ति या असंख्य खाता में राशि हस्तांतरण होता है तो संबंधित बैंक अधिकारी इसकी जानकारी व्यय अधिकारी और जिला निर्वाचन कार्यालय को अवगत कराएंगे. विधानसभा निर्वाचन के अंतर्गत चुनाव लड़ने वाले अभ्यर्थी निर्वाचन व्ययो के किसी भी मद में किसी भी व्यक्ति या इकाई को भारत निर्वाचन आयोग के निर्देशों के अनुसार उम्मीदवार को अपने निर्वाचन व्यय राशि का भुगतान रेखांकित या एकाउंट पेई चेक, ड्राफ्ट अथवा आरटीजीएस या एनईएफटी के माध्यम से ही करना होगा. उम्मीदवारों अथवा राजनैतिक दलों द्वारा अधिक की राशि नगद के रूप में न तो खर्च की जा सकती है और न ही किसी से चंदे के रूप में ली जा सकती है. इसके अतिरिक्त इन्होंने बताया कि जिस किसी व्यक्ति को उड़न दस्ता (एफ एस) स्थैतिक निगरानी दल ( एसएसटी) पुलिस द्वारा जांच के क्रम में अनुमोदित राशि से अधिक के साथ पाया जाएगा, तो उसकी जब्ती की जाएगी व उसके विरुद्ध कार्रवाई की जाएगी. सोशल मीडिया संबंधी विशेष दिशा निर्देश दिये. इन्होंने स्पष्ट किया कि चुनाव आचार संहिता लागू होने के बाद फेसबुक, व्हाट्सएप ,इंस्टाग्राम ट्विटर, एक्स और अन्य डिजिटल प्लेटफार्म पर प्रचारित- प्रसारित होने वाली गतिविधियों पर पैनी नजर रखी जाएगी. सोशल मीडिया पर प्रचार सामग्री जारी करने से पहले सभी संभावित उम्मीदवारों को निर्देश दिया गया कि वे सोशल मीडिया पर प्रचार सामग्री जारी करने से पहले उसकी अनुमोदन प्रक्रिया का पालन करें, बिना उसके अनुमोदन प्रचार करने पर संबंधित उम्मीदवार के खिलाफ न केवल एफआईआर दर्ज होगी, बल्कि उनके चुनाव खर्च में यह राशि जोड़ी जाएगी. इसके अलावा अभद्र भाषा, धार्मिक भावनाओं को भड़काने वाले संदेश, जातिगत टिप्पणी जैसे सामग्री पर भी सख्ती से रोक लगाने का आदेश दिया गया. बैठक में एमसीएमसी कोषांग, व्यय अनुश्रवण कोषांग, महनार ,राजापाकर, महुआ और पातेपुर के एसएसटी, मद्य निषेध अधीक्षक , बैंकिंग, वीएसटी, कोषांग, नोडल व सभी संबंधित पदाधिकारी उपस्थित थे.

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Author: DEEPAK MISHRA

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