Railway Flyover: रेलवे फ्लाईओवर ब्रिज निर्माण, एक्सप्रेस ट्रेनों के ठहराव, रेलवे स्टेडियम के सौंदर्यीकरण सहित अन्य मांगों को लेकर कांग्रेस जिलाध्यक्ष रंजीत पंडित, अभिषेक कुमार, मनीष कुमार एवं अनीश की अनिश्चितकालीन भूख हड़ताल सोमवार को चौथे दिन भी जारी रही. अनशन समाप्त कराने को लेकर जिला प्रशासन पूरी रात सक्रिय रहा. देसरी थाना और प्रखंड कार्यालय खुले रहे तथा प्रशासनिक अधिकारी लगातार अनशन स्थल पर पहुंचकर अनशनकारियों से बातचीत करते रहे.
डॉ. शकील अहमद खां ने की पहल
रविवार को कांग्रेस के राष्ट्रीय सचिव एवं विधायक दल के पूर्व नेता डॉ. शकील अहमद खां अनशन स्थल पर पहुंचे और अनशनकारियों के स्वास्थ्य की जानकारी ली. उन्होंने बिहार सरकार के मुख्य सचिव प्रत्यय अमृत और जिलाधिकारी वर्षा सिंह से टेलीफोन पर बातचीत कर मामले में आवश्यक पहल करने का आग्रह किया.
इसके बाद डीसीएलआर महनार सुधांशु शेखर, डीएसपी प्रवीण कुमार, बीडीओ महनार मुकेश कुमार और देसरी अंचलाधिकारी कुमारी आंचल अनशन स्थल पर पहुंचे. अधिकारियों ने अनशनकारियों के स्वास्थ्य की जानकारी ली और जिलाधिकारी के नाम संबोधित पत्र प्राप्त किया. अधिकारियों ने पत्र को जिलाधिकारी तक भेजने की प्रक्रिया शुरू की.
रातभर अनशन समाप्त कराने में जुटा रहा प्रशासन
जिला प्रशासन की ओर से अनशन समाप्त कराने के लिए रातभर प्रयास किए गए. इस दौरान देसरी थाना परिसर और आसपास के क्षेत्र में पुलिस बल की मौजूदगी बनी रही. अधिकारियों ने रंजीत पंडित से स्वास्थ्य को देखते हुए भूख हड़ताल समाप्त करने का आग्रह किया.
बताया गया कि अनशनकारियों की मांगों को लेकर जिला प्रशासन ने रेलवे के संबंधित महाप्रबंधक (जीएम) को पत्र भेजकर कार्रवाई की अनुशंसा की है. एसडीओ और जिलाधिकारी की ओर से भी संबंधित स्तर पर पत्र भेजे जाने की जानकारी दी गयी है.
लिखित आश्वासन देने को तैयार प्रशासन
प्रशासन की ओर से अनशन समाप्त कराने के लिए लिखित आश्वासन देने की भी तैयारी की गयी. इसमें अब तक की गयी कार्रवाई और संबंधित विभाग को भेजे गये पत्रों का उल्लेख किए जाने की बात सामने आयी है.
हालांकि, अनशन समाप्त करने को लेकर हुई बातचीत में अंतिम सहमति नहीं बन सकी. रंजीत पंडित ने कहा कि स्थानीय लोगों से बातचीत करने के बाद ही भूख हड़ताल समाप्त करने को लेकर निर्णय लिया जाएगा.
अनशनकारियों के स्वास्थ्य को लेकर चिंता
लगातार चौथे दिन भूख हड़ताल जारी रहने से अनशनकारियों के स्वास्थ्य को लेकर चिंता बनी हुई है. अब स्थानीय लोगों के साथ बातचीत और प्रशासन की ओर से दिए जाने वाले लिखित आश्वासन पर चर्चा के बाद आंदोलन की आगे की दिशा तय होने की उम्मीद है.
