Vaishali News: वैशाली जिले के गोरौल थाना क्षेत्र की पिरोई समसुद्दीन पंचायत के बड़ी पिरोई गांव में मंगलवार को एक 60 वर्षीय अधेड़ का शव गांव के समीप झाड़ी से बरामद होने पर इलाके में सनसनी फैल गई. मृतक की पहचान गांव के ही लाला सिंह (60 वर्ष) के रूप में हुई है. परिजनों का आरोप है कि वह भारी कर्ज और ऋण वसूली के लगातार बन रहे दबाव से मानसिक रूप से बेहद परेशान थे.
रविवार शाम से थे लापता, झाड़ी में मिला शव
परिजनों के अनुसार, लाला सिंह रविवार की शाम अचानक घर से निकले थे, लेकिन देर रात तक वापस नहीं लौटे. परिजनों द्वारा काफी खोजबीन के बाद भी उनका कोई सुराग नहीं मिला. मंगलवार को ग्रामीणों ने गांव के समीप एक झाड़ी में उनका शव पड़ा देखा. सूचना मिलते ही स्वजन मौके पर पहुंचे और शव को घर ले आए.
परिजनों ने बताया कि मृतक पर ग्रामीणों का लगभग 5 लाख रुपये का कर्ज था. इसके अतिरिक्त सेंट्रल बैंक ऑफ इंडिया (महुआ शाखा) से लगभग 1.5 लाख रुपये और एक निजी माइक्रो फाइनेंस कंपनी से परिवार के अन्य सदस्यों के नाम पर भी ऋण लिया गया था.
फाइनेंस कर्मियों पर गाली-गलौज और उत्पीड़न का आरोप
स्वजनों का गंभीर आरोप है कि ऋण वसूली को लेकर निजी फाइनेंस कंपनी के कर्मी आए दिन घर आकर गाली-गलौज और अपमानजनक व्यवहार करते थे. आरोप है कि माइक्रो फाइनेंस कर्मियों की प्रताड़ना और कर्ज के तनाव में आकर उन्होंने जहरीला पदार्थ खाकर आत्महत्या कर ली.
ग्रामीणों और परिजनों ने आरोप लगाया कि इलाके में महाजनों और निजी फाइनेंस कंपनियों द्वारा गरीबों का जमकर आर्थिक शोषण किया जा रहा है. 10 से 15 प्रतिशत मासिक ब्याज दर पर जबरन वसूली की जाती है और पैसे न देने पर बदसलूकी व प्रताड़ित किया जाता है.
बिना पुलिस को सूचना दिए हुआ अंतिम संस्कार
घटना की पुष्टि पिरोई समसुद्दीन पंचायत के मुखिया सह प्रखंड मुखिया संघ के अध्यक्ष प्रमोद कुमार सिंह सहित दर्जनों ग्रामीणों ने की है. हालांकि, परिजनों ने घटना की सूचना पुलिस को दिए बिना ही मृतक के शव का अंतिम संस्कार कर दिया.
मामले में गोरौल थानाध्यक्ष सुनील कुमार ने बताया कि घटना से संबंधित कोई आधिकारिक सूचना पुलिस को नहीं दी गई है. इसके बावजूद पुलिस पूरे मामले की जांच और छानबीन में जुट गई है.
