Vaishali News : वैशाली जिले में कृषि क्षेत्र को नई दिशा देने के लिए पहली बार मखाना विकास योजना लागू की गई है. इस योजना के तहत जिले में कुल 150 हेक्टेयर क्षेत्र में मखाना की खेती का लक्ष्य निर्धारित किया गया है. इसमें 50 हेक्टेयर तालाबों और 100 हेक्टेयर खाली खेतों में मखाना उत्पादन किया जाएगा. जिला प्रशासन का उद्देश्य किसानों की आय बढ़ाने के साथ कृषि में विविधीकरण को बढ़ावा देना है.
वैज्ञानिक तरीके से होगी मखाना की खेती
मखाना एक उच्च मूल्य वाली नगदी फसल है, जिसकी बाजार में लगातार अच्छी मांग बनी रहती है. योजना के तहत किसानों को आधुनिक तकनीक, वैज्ञानिक खेती की जानकारी और विभागीय सहयोग उपलब्ध कराया जाएगा. जलजमाव वाले क्षेत्रों, तालाबों और अन्य उपयुक्त स्थानों का बेहतर उपयोग कर उत्पादन और उत्पादकता बढ़ाने पर विशेष जोर दिया जाएगा.
खेती के साथ रोजगार के भी बढ़ेंगे अवसर
प्रशासन का मानना है कि मखाना उत्पादन बढ़ने से केवल किसानों की आमदनी ही नहीं बढ़ेगी, बल्कि सफाई, प्रसंस्करण, पैकेजिंग और विपणन जैसी गतिविधियों के जरिए स्थानीय स्तर पर रोजगार और स्वरोजगार के नए अवसर भी सृजित होंगे. इससे ग्रामीण अर्थव्यवस्था को भी मजबूती मिलेगी.
ऑनलाइन आवेदन कर उठा सकते हैं योजना का लाभ
योजना का लाभ लेने के इच्छुक किसान बिहार कृषि एवं हॉर्टिकल्चर पोर्टल पर ऑनलाइन आवेदन कर सकते हैं. जिला प्रशासन ने अधिक से अधिक किसानों से आवेदन करने की अपील की है, ताकि योजना का लाभ व्यापक स्तर पर किसानों तक पहुंच सके.
डीएम बोलीं, किसानों की आय बढ़ाने में मखाना बनेगा मजबूत माध्यम
जिला पदाधिकारी वर्षा सिंह ने कहा कि मखाना किसानों की आय बढ़ाने का प्रभावी माध्यम बन सकता है. कृषि में विविधीकरण के जरिए किसानों को अतिरिक्त आय का मजबूत स्रोत उपलब्ध कराया जा सकता है. उन्होंने कहा कि प्रशासन का लक्ष्य योजना को प्रभावी ढंग से लागू कर अधिक से अधिक किसानों को इससे जोड़ना है, ताकि वैशाली का कृषि क्षेत्र नई पहचान बना सके.
